मायानगरी यानि मुंबई, एक ऐसा शहर जिसके बारे में कहा जाता है कि वहां घर/फ्लैट का किराया सबसे ज्यादा मंहगा है और लोग जीवन यापन करने के लिए ऊंची कीमत देने को भी तैयार रहते हैं। महानगर, मुंबई की जीवन शैली कुछ ऐसी है कि जिंदगी की आपाधापी 24 घंटे चलते रहती है। जिस शहर में किराया हजारों से शुरू होकर लाखों तक में जाता हो और अगर हम आपको कहें कि वहां एक फ्लैट का किराया मात्र 64 रुपये है तो शायद आप भी यकीन नहीं करेंगे, लेकिन ये सच है।
दक्षिण मुंबई के ताड़देव इलाके में स्थित यह फ्लैट 800 वर्ग फीट में फैला है और 64 रुपये महीने का किराया होने के बावजूद भी पिछले 11 साल से खाली पड़ा है। यहां हम आपको बताते हैं इसके खाली रहने की असली वजह। दरअसल 1940 में मुंबई के धुनजीबॉय बिल्डिंग में केवल पुलिस के पारसी पुलिस अधिकारी को रहने के लिए अलॉट किया गया था।
फ्लैट के लिए पहले से ही शर्त है कि इसमें केवल पारसी परिवार ही रह सकता है। 2008 में यहां अंतिम बार सहायक पुलिस आयुक्त फिरोज गंजिया रहे थे और उसके बाद से ही यह फ्लैट खाली है। इस फ्लैट का स्वामित्व पारसी ट्रस्ट आर डी महालक्ष्मीवाला चैरिटी बिल्डिंग ट्रस्ट के अधीन है।
आपको बता दें कि मुंबई पुलिस में केवल दो ही पुलिस अधिकारी ऐसे हैं जो पारसी समुदाय से ताल्लुक रखते हैं। इनमें से एक तो मुंबई से बाहर तैनात हैं जबकि दूसरे पुलिस अधिकारी का अपना खुद का आवास है। खबरों की मानें तो मुंबई पुलिस के कई कर्मचारी इसमें रहने के लिए अप्लाई कर चुके हैं लेकिन पारसी को ही रहने की शर्त के कारण कोई भी इसमें रह नहीं सकता है।