सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा को मनी लॉन्ड्रिंग केस में अग्रिम जमानत मिल गई है। इस केस में वाड्रा के सहयोगी मनोज अरोड़ा को भी अग्रिम जमानत मिली है। सीबीआई की विशेष अदालत ने वाड्रा को अग्रिम जमानत दी है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) का कहना है कि वह कोर्ट के इस फैसले को ऊपरी अदालत में चुनौती देगा। कोर्ट ने कहा कि वाड्रा और मनोज अरोड़ा को अग्रिम जमानत के लिए 5 लाख रुपए का निजी मुचलका भरना होगा।
बता दें कि ईडी मनी लॉन्ड्रिंग केस में वाड्रा को हिरासत में लेकर पूछताछ करना चाहता है। ईडी को आशंका है कि इस केस में साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ की जा सकती है। जांच एजेंसी का कहना है कि आर्थिक अपराध को गंभीरता पूर्वक देखे जाने की जरूरत है। जांच एजेंसी पहले भी वाड्रा को अग्रिम जमानत दिए जाने का विरोध कर चुकी है।
Special CBI court grants anticipatory bail plea to Robert Vadra in money laundering case. Court also allows anticipatory bail to his close aide Manoj Arora. Robert Vadra and Manoj Arora both were on interim bail currently. pic.twitter.com/K71SfleuUx
— ANI (@ANI) April 1, 2019
मनी लॉन्ड्रिंग केस में रॉबर्ट वाड्रा से 7 फरवरी को नई दिल्ली में प्रवर्तन निदेशालय के दफ्तर में करीब 6 घंटे पूछताछ हुई थी। उसके बाद करीब दो दिनों तक उनसे पूछताछ हुई। इस दौरान ईडी के अधिकारियों ने कोर्ट से कहा कि वाड्रा पूछताछ में सहयोग नहीं कर रहे हैं। इसलिए उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ करने की जरूरत है। ईडी के इस अनुरोध को पटियाला हाउस कोर्ट ने ठुकरा दिया था। हालांकि कोर्ट ने वाड्रा को पूछताछ में अधिकारियों का सहयोग करने का निर्देश दिया।
इसके बाद 12 फरवरी को जयपुर में बीकानेर लैंड डील केस में प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारियों के सामने पेश होना पड़ा। उस पेशी में रॉबर्ट वाड्रा की मां भी शामिल थी।फरवरी में ईडी अधिकारियों ने जब पूछताछ की थी उस वक्त वाड्रा के वकील ने कहा कि वो एक बेहतर इंसान हैं और वो लगातार सहयोग कर रहे हैं।वाड्रा के खिलाफ जो आरोप लगाए गए हैं वो राजनीति से प्रेरित है।