टीम इंडिया इस साल इंग्लैंड में होने वाले विश्व कप के लिए 15 सदस्यीय टीम के साथ तीन अतिरिक्त गेंदबाजों को लेकर जाएगी। चयनकर्ता नेट्स सेशन के मद्देनजर तीन अतिरिक्त गेंदबाजों को भारतीय टीम के साथ इंग्लैंड भेजेंगे। बीसीसीआई के सूत्र ने कहा, ‘तीन तेज गेंदबाज भारतीय टीम के साथ प्रमुख गेंदबाज बनकर यात्रा करेंगे। अगर कोई तेज गेंदबाज चोटिल हो जाता है तो क्या होगा? हम ऐसी परिस्थिति नहीं चाहते कि कोई विकल्प वाला गेंदबाज आखिरी पल में इंग्लैंड के लिए रवाना हो। इसके बजाय हम तीन तेज गेंदबाजों को बैकअप के रूप में पूरे विश्व कप के लिए टीम इंडिया के साथ भेजेंगे। अगर कोई चोटिल होता है तो उसका विकल्प तुरंत टीम के पास उपलब्ध रहेगा।’
इस कदम के लिए गुणी नेट प्रैक्टिस भी प्रमुख कारण है क्योंकि भारतीय खिलाड़ी पहले शिकायत दर्ज करा चुके हैं कि विदेशी दौरों पर उन्हें नेट गेंदबाजों की उपलब्धता नहीं मिलती। वैसे, यह विचार नया नहीं है। चयनकर्ताओं ने पिछले साल दक्षिण अफ्रीका दौरे पर भारतीय टीम के साथ कुछ गेंदबाजों को भेजा था, जिन्होंने नेट्स पर भारतीय बल्लेबाजों को अच्छा अभ्यास कराया। उस समय टीम इंडिया के साथ आवेश खान और मोहम्मद सिराज को भेजा गया था।
इसके बाद दुबई में हुए एशिया कप में बोर्ड ने भारत ए के पांच गेंदबाजों को और बाएं हाथ के स्पिनर शाहबाज नदीम व लेग स्पिनर मयंक मार्कंडे को भेजा था ताकि भारतीय बल्लेबाज अच्छे से तैयारी कर सकें। पता हो कि 2019 विश्व कप के लिए टीम इंडिया की घोषणा 15 अप्रैल को मुंबई में होगी।
टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली पहले ही कह चुके हैं कि आईपीएल के प्रदर्शन के आधार पर टीम चयन नहीं होगा क्योंकि चयनकर्ताओं ने पिछले एक से डेढ़ साल से खिलाडि़यों के प्रदर्शन पर निगाह रखी है। वह कह चुके हैं कि टीम इंडिया का विश्व कप स्क्वाड लगभग तय है। हालांकि, भारतीय टीम पिछले कुछ समय से नंबर-4 और नंबर-6 बल्लेबाजी क्रम को लेकर उलझन में चल रही है और अब यह देखना रोचक होगा कि इन क्रमों की जिम्मेदारी किन खिलाडि़यों को सौंपी जाएगी।