यूपी की राजधानी लखनऊ में करीब छह माह पहले एप्पल कंपनी के अधिकारी विवेक तिवारी की हत्या कर दी गई थी। उनकी कार पर यूपी पुलिस की ओर से गोली चलाई गई थी, जिसमें कांस्टेबल संदीप कुमार भी आरोपी थे। उन्हें सबूत के अभाव में कोर्ट से जमानत मिल गई है। सितंबर 2018 में हुई इस घटना के वक्त वह मामले के मुख्य अभियुक्त कांस्टेबल प्रशांत चौधरी के साथ थे।
इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच के जस्टिस डीके सिंह ने मंगलवार को संदीप कुमार को जमानत दे दी। विवेक तिवारी (38) को बीते साल 29 सितंबर को लखनऊ के गोमती नगर में उस वक्त गोली मार दी गई थी, जब वह अपनी एक पूर्व सहकर्मी के साथ एसयूवी से जा रहे थे। आरोप है कि प्रशांत चौधरी ने उन्हें गोली मारी थी, जिसमें वह बुरी तरह घायल हो गए और फिर दम तोड़ दिया।
इस घटना को लेकर यूपी पुलिस पर कई सवाल खड़े हुए थे और लोगों में भारी नाराजगी थी। मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया था, जिसमें यह पाया गया कि आरोपी कांस्टेबल ने बिना किसी उकसावे के विवेक तिवारी पर गोली चलाई। उस समय उनके साथ रहे कांस्टेबल संदीप कुमार को 22 मार्च को हिरासत में लिया गया था। उन पर तिवारी के साथ गाड़ी में बैठीं उनकी पूर्व सहकर्मी को नुकसान पहुंचाने का आरोप था।
इस मामले में आरोपी दोनों कांस्टेबल का आरोप है कि उन्होंने रूटीन जांच के दौरान तिवारी को रुकने के लिए बोला, लेकिन गाड़ी रोकने की बजाय वह और स्पीड में भाग निकले, जिसके कारण उन्होंने गोली चलाई। पुलिस ने इस मामले में विवेक तिवारी के परिजनों की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की।