हिममानव ‘येति’ को लेकर चर्चा समय-समय पर होती रही है। हालांकि इसकी मौजूदगी के बारे में अभी तक कोई सटीक दावा नहीं किया जा सका है, पर इसे लेकर चर्चाएं थमने का नाम नहीं ले रहीं। यह एक बार फिर सुर्खियों में है। पहली बार भारतीय सेना ने कुछ तस्वीरें जारी करते हुए गहरे बर्फीले क्षेत्र में रहस्यमयी हिममानव ‘येती’ के पैरों के निशान देखे जाने की बात कही है।
सेना के जन सूचना विभाग ने अपने ट्विटर हैंडल पर ये तस्वीरें शेयर कीं। इसे मकालू बेस कैंप के पास भारतीय सेना की एक पर्वतारोही टीम द्वारा देखे जाने की बात कही गई है, जिसके बाद इन चर्चाओं ने एक बार फिर जोर पकड़ा है। कुछ लोग जहां इसके अस्तित्व पर मुहर लगा रहे हैं, वहीं वैज्ञानिकों का कहना है कि अभी इस संबंध में इतने साक्ष्य नहीं मिले हैं कि उसके अस्तित्व को घोषित कर दिया जाए।
वेदों में जिक्र
तमाम चर्चाओं के बीच हिममानव के रहस्य से पर्दा उठना अब भी बाकी है, पर इतना तो तय है कि इसका जिक्र भारतीय ग्रंथों पुराण, रामायण और महाभारत में भी मिलता है। हिमालय को प्राचीनकाल से ही ऋषियों, मुनियों की तपस्थली मानने वाले उसे हजारों वर्षों से जीवित तपस्याधारी के तौर पर भी देखते हैं। ऋग्वेद में येति का जिक्र प्राचीन भृगु कुल से संबंध रखने वाले के तौर पर मिलता है।
वहीं, यजुर्वेद की संहिता में येति का उल्लेख एक मानव जाति के रूप में है। इसका जिक्र सामवेद में भी मिलता है। भोजपुरी और अवधी भाषाओं में भी इसका जिक्र मिलता है। यहां हनुमान को जति कहा जाता है, जिसे येति का ही बिगड़ा हुआ रूप माना जाता है। इसके अतिरिक्त रामायण से जुड़ी एक कहानी अनुसार, नेपाल में यह शब्द राक्षस के लिए इस्तेमाल होता है। राम और सीता से संबंधित कई नेपाली कविताओं में भी इसका जिक्र मिलता है।
कैसा दिखता है येति
हिममानव ‘येती’ की हालांकि अब तक कोई तस्वीर सामने नहीं आई है। लेकिन इस संबंध में जो भी दावे सामने आए हैं, उसके आधार पर इसे बर्फ से अच्छादित घने जंगलों और पहाड़ों वाले क्षेत्र में रहने वाला माना जाता है। इसकी कदकाठी सामान्य आदमी से कहीं अधिक लंबी मानी जाती है तो इस संबंध में तमाम दावों के अनुसार, इसके पूरे शरीर पर बाल भरे होते हैं। यह बेहद ताकतवर और एक अजीब सी गंध लिए हुए होता है।
हिममानव को लेकर जो भी दावे सामने आए हैं, उसमें इसके शरीर और पैरों का आकार बड़ा बताया गया है, जिसकी तस्दीक भारतीय सेना के नए दावों से भी होती है। सेना ने जो तस्वीरें शेयर की हैं, उनमें उसके पैरों का साइज 32×15 इंच बताया गया है। ‘येति’ की पहचान बंदर जैसे प्राणी की तरह भी होती है और भोजपुरी, अवधी भाषाओं में हनुमान का जिक्र जति के तौर पर किए जाने को भी इससे जोड़कर देखा जा सकता है।