नई दिल्ली। कोरोना वायरस का संक्रमण पूरी दुनिया में पैर पसार चुका है। ऐसे में पूरा देश लॉकडाउन है। इस महामारी के कारण कई लोग अपने घरों से दूर हैं। इसमें सबसे अधिक मार मजदूरों को झेलनी पड़ रही है। हालांकि सरकार अब इन मजदूरों की मदद के लिए आगे आई है। अब जहां-तहां फंसे प्रवासी मजदूरों को ट्रेन से उनके गृह राज्यों तक पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है।
राहत की बात ये है कि मजदूरों के लिए जो स्पेशल ट्रेनें चलाई गई है उसका किराया उन्हें नहीं देना होगा। इसका किराया रेलवे राज्य सरकारों से वसूलेगा। रेलवे की ओर से शुक्रवार को जारी एक आदेश में इस बात का जिक्र किया गया है। रेलवे ने शुक्रवार को ऐलान किया कि उसकी यात्री ट्रेन सेवा आगामी 17 मई तक पहले की तरह निलंबित रहेगी। हालांकि इस दौरान प्रवासी मजदूरों के लिए कुछ विशेष ट्रेन चलाई जाएंगी।
जिस ट्रेन से प्रवासी मजदूरों को भेजा जाएगा उसे श्रमिक स्पेशल नाम दिया गया है। इसमें सफर करने के किराए में स्लीपर क्लास के टिकट मूल्य, 30 रुपये का सुपरफास्ट शुल्क और 20 रुपये भोजन-पानी के शामिल होंगे।
रेलवे ने बताया है कि यात्रियों को अपने पास से कुछ भी खरीदने की जरूरत नहीं, उनके खर्च का वहन राज्य सरकारें करेंगी। महीनेभर तक सेवाएं निलंबित रहने के बाद रेलवे ने पहली यात्री ट्रेन इन मजदूरों के लिए शुक्रवार को हैदराबाद से झारखंड के लिए सुबह साढ़े चार बजे रवाना की जिसमें कुल 12,00 लोग सवार थे।
रेलवे ने साफ किया है कि स्टेशन पर किसी भी व्यक्ति को टिकट नहीं बेचा जाएगा। केवल उन्हीं लोगों को यात्रा करने की अनुमति दी जाएगी जिन्हें राज्य सरकार के अधिकारी लेकर आएंगे। राज्य सरकारें ही तय करेंगी कि ट्रेन में किन-किन लोगों को सफर करना है।