पुलिस की बर्बरता पर फूट-फूट कर रोए थे योगी आदित्यनाथ

पुलिस की बर्बरता पर फूट-फूट कर रोए थे योगी आदित्यनाथ
पुलिस की बर्बरता पर फूट-फूट कर रोए थे योगी आदित्यनाथ

लखनऊ: उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले के पंचुर गाँव में एक सामान्य राजपूत परिवार के बीच जन्में अजय सिंह बिष्ट अब उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम से जाने जाते है. उन्होंने 15 फरवरी 1994 को नाथ संप्रदाय के सबसे प्रमुख मठ गोरखनाथ मंदिर के उत्तराधिकारी गुरु महंत अवैद्यनाथ के नेतृत्व में सन्यास लिया. हर साल की तरह आज वह अपना 49वां जन्मदिन बिना किसी आयोजन के ही करेंगे. योगी होने के नाते वह जन्मदिन समारोह से दूर ही रहते हैं.

हिंदुत्वा राजनीती में एहम भूमिका निभाने वाले योगी आदित्यनाथ वर्ष 2006 में लोकसभा बैठक के दौरान यूपी पुलिस की क्रूरता का जिक्र करते हुए भावुक हो गए थे और फुट-फूटकर रोने लगे थे. कुछ समय बाद उन्होंने कहा कि सपा सरकार उनके खिलाफ षड़यंत्र रच रही है इसलिए उन्हें जान का खतरा है. दरअसल बात उस वक्त की है जब यूपी में मुलायम सिंह यादव की सरकार थी और पूर्वांचल में कई जगहों पर सांप्रदायिक हिंसा फैली थी.

आजमगढ़ में छात्र नेता रह चुके अजित सिंह के तेरहवीं वाले दिन योगी आदित्यनाथ अपने काफिले के साथ कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे. तभी रास्ते में तकिया गांव में योगी के काफिले पर कुछ लोगों ने हमला कर दिया. इस दौरान योगी कि जान बचाने के लिए उनके अंगरक्षक को फायरिंग करनी पड़ी. जिसमें एक युवक की गोली लगने से मौत हो गई थी. इस दौरान योगी और उनके समर्थकों पर कई मुकदमें दायर हुए थे.

27 जनवरी 2006 को दो समुदाय के बीच झड़प को लेकर गोरखपुर के माहोल में तनाव था. जिसके बाद भाजपा सांसद योगी को गोरखपुर जाते समय गिरफ्तार कर लिया गया था. उन्होंने कहा कि जिस मामले में उन्हें सिर्फ 12 घंटे बंद रखना चाहिए था, उस मामले में उन्हें 11 दिन जेल में रखा गया. फिलहाल इस बात को 14 साल बीत चुके है.