Karnataka govt HC hearing Karnataka govt HC hearing

कर्नाटक सरकार HC में RCB–BCCI को जिम्मेदार ठहराती, ‘चिन्नास्वामी भगदड़’ की सुनवाई जारी

कर्नाटक उच्च न्यायालय, बेंगलुरु | 11 जून 2025 – रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (RCB) की आईपीएल जीत के बाद बेंगलुरु में चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर हुई भगदड़ की घटना की सुनवाई कर्नाटक उच्च न्यायालय में चल रही है। इस दौरान राज्य सरकार ने स्पष्ट आरोप लगाते हुए RCB और BCCI पर बिना अनुमति सोशल मीडिया के जरिये “पूरी दुनिया को आमंत्रित” करने का आरोप लगाया, जिससे 11 लोगों की मौत और दर्जनों घायल हुए।

क्या कहा कर्नाटक सरकार ने?

  • अधिवक्ता‑जनरल शशि किरण शेट्टी ने न्यायालय में बताया कि RCB और BCCI ने बिना किसी औपचारिक अनुमति के सोशल मीडिया पर पोस्ट किए, जैसे “सभी समर्थकों को आमंत्रित” शब्दावली के साथ, जिससे लगभग 3.5 लाख लोग इकट्ठा हो गए – जबकि स्टेडियम की क्षमता केवल 33,000 थी

  • उन्होंने कहा कि आयोजकों ने इवेंट के लिए केवल सूचना दी, अनुमति नहीं मांगी – 3 जून की रात 11:30 बजे से 4 जून सुबह तक प्रचार किया गया, जिससे लोगों में अन्धाधुंध भीड़ उमड़ पड़ी

  • सरकार ने कोर्ट में यह दलील भी दी कि RCB–BCCI ने इवेंट को सरकारी कार्यक्रम दर्शाने की कोशिश की, जबकि यह पूरी तरह निजी था

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भीड़ प्रबंधन में भारी चूक

  • कोई बैरिएडर, गाइडलाइन या निगरानी मौजूद नहीं थी। मानो भीड़ को नियंत्रित करने की कोई व्यवस्था ही न हो

  • फोटो एवं वीडियो से पता चला कि लोग गेट लगाते हुए धक्का‑मुक्की करते नजर आए, और पुलिस ने बिना तैयारी के जल्दबाजी में लाठीचार्ज की, जिससे भगदड़ भड़क उठी

  • अधिकारी सिद्धरामैया और गृह मंत्री डी.के. शिवकुमार ने घटना पर आपात जांच का निर्देश दिया, पांच वरिष्ठ पुलिस अधिकारी निलंबित किए गए और CID जांच शुरू कर दी गई

 वर्तमान कानूनी स्थिति

  • न्यायालय ने राज्य सरकार द्वारा सीलबंद रिपोर्ट दाखिल करने की अनुमति दी है ताकि सार्वजनिक सुनवाई में मामले के प्रमाणों से प्रभावित ना हो । अगली सुनवाई 12 जून को होगी।

  • RCB, KSCA, और DNA Entertainment ने FIR को खारिज करने के लिए याचिका दाखिल की है जिसमें आरोप लगाया गया है कि सरकारी विफलता को फ्रैंचाइज़ी पर लगाकर बाधित किया जा रहा है

  • RCB के मार्केटिंग हेड निखिल सोसाले और DNA के अन्य कार्यकारी जेल में हैं; CID ने पुलिस हिरासत की मांग की थी, लेकिन न्यायालय ने उन्हें जमानती हिरासत में भेज दिया और कोर्ट ने पुलिस कस्टडी से रोक दी है

राजनीतिक और शीर्ष स्तरीय दबाव

  • विपक्षी पार्टियां, विशेषकर भाजपा और JDS, ने राज्य सरकार पर तीखी आलोचना की है और मुख्यमंत्री सिद्धरामैया, गृह मंत्री व राजनैतिक सचिव को कठोर कार्यवाही के लिए कहा

  • राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी मामले पर टिप्पणी की और कर्नाटक सरकार की ‘महाकुंभ रक्षा’ जैसी सफाई को विवादित बताया

आगे की सुनवाई

  • 12 जून, RCB और DNA के खिलाफ की गई क्रिमिनल केस रद्द करने की याचिका की सुनवाई होगी।

  • सरकार को अपनी सीलबंद रिपोर्ट पेश करनी है और Framed इसी के आधार पर जमानती आदेश और अन्य कार्यवाही तय होगी

निष्कर्ष

यह दुखद मंजर बेंगलुरु के गौरव को दागदार कर गया है। कर्नाटक सरकार द्वारा सोशल मीडिया की ज़िम्मेदारी RCB–BCCI पर डालना, बिना अनुमति आयोजित जश्न का आरोप, और परिपक्व तरीके से सुनवाई कराना — यह संपूर्ण मामला आधुनिक भीड़ प्रबंधन, क़ानूनी जवाबदेही और तकनीकी योग्यता को लेकर व्यापक चेतावनी देता है। अगली सुनवाई में यह स्पष्ट होगा कि ज़िम्मेदारी किसकी और इसका भविष्य में बड़े आयोजनों पर क्या असर होगा।