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21 वर्षीय युवक की 52 वर्षीया दादी से शादी”? वायरल वीडियो था स्क्रिप्टेड?

हाल ही में सोशल मीडिया प्लेटफार्म—जैसे फेसबुक, व्हाट्सऐप और खासकर पंजाब केसरी पर—एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ जिसमें दावा किया जा रहा था कि एक 21 वर्षीय युवक ने अपनी 52 साल की दादी से शादी कर ली है। यह कथित शादी ‘यूनिक’ और धार्मिक रूप से भी वैध बताई जा रही थी, जिसने तमाम लोगों को चौंका दिया। वायरल सामग्री ने इस घटना को धार्मिक, पारिवारिक और कानूनी विवाद के रूप में पेश किया, लेकिन The Quint नामक तथ्य-जांच वेबसाइट ने इस रिपोट को पूरी तरह खारिज कर दिया

तथ्य जांच से सामने आया कि वायरल वीडियो असल में एक स्क्रिप्टेड प्रैंक था, जिसे ‘Desi Chhora k Vlogs’ नामक फेसबुक पेज और यूट्यूब चैनल पर मनोरंजन के लिए बनाया गया था। यह स्पष्ट था कि वीडियो को मनोरंजन उद्देश्य से ही रिकॉर्ड किया गया था, न कि किसी वास्तविक शादी का दस्तावेज़ बनने की नीयत से । वीडियो के मूल चैनल पर यह वीडियो ‘entertainment purpose only’ के रूप में स्पष्ट रूप से वर्गीकृत था, और इसमें स्वयं वीडियो के पात्रों ने बताया कि उन्होंने जान-बूझकर इस तरह का कंटेंट तैयार किया था

इस तरह की फेक न्यूज़ न केवल झूठे आरोपों का जन्म है, बल्कि समाज में गलत सूचना और भ्रम फैलाने का कारण बनती है। खासकर जब ऐसी बनावटी वीडियो धार्मिक आस्था या पारिवारिक संबंधों का गलत चित्रण करती हैं, तो समाज में शक और असमंजस पैदा होता है। The Quint ने मीडिया संगठनों को आगाह किया है कि वे बिना प्रमाणित स्रोतों या पहले-से-पुख्ता जांच के ऐसी खबरों को न फैलाएँ

फैक्ट-चेक रिपोर्ट के अनुसार, इस वायरल वीडियो की कथित टीआरपी और लाइक्स कुछ दिन में वायरल होने के गहरे कारण हैं लोग ताजे और सनसनीखेज कंटेंट की ओर तेजी से आकर्षित होते हैं। लेकिन यह घटना हमें यह भी सीख देती है कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रही खबरों पर भरोसा करने से पहले उसे जाँचना अति आवश्यक है।

इस प्रकार यह स्पष्ट हो गया है कि ‘21 साल के युवक और उसकी 52 वर्षीया दादी की शादी’ वाली खबर पूरी तरह से झूठी और फर्ज़ी थी। वास्तविकता यह है कि यह मामला एक मनोरंजन प्रैंक था जिसे कुछ लोगों ने सनसनी फैलाने के उद्देश्य से फैलाया। फैक्ट-चेक के परिणाम ने इसे एक मनोरंजक स्टंट बताया, जिसे PunjabKesari सहित अन्य प्लेटफॉर्म ने भी बिना पुष्टि किए प्रचारित किया। ऐसे में हम सभी पर यह जिम्मेदारी बनती है कि हम किसी भी सनसनीखेज खबर को सोशल मीडिया पर साझा करने से पहले स्रोतों की सत्यता जरूर जांच लें।