लंदन, 4 अगस्त 2025:
क्रिकेट के इतिहास में शायद ही कभी ऐसी आख़िरी पारी देखने को मिली हो — जहाँ एक बल्ले के संपर्क से नहीं, बल्कि एक तेज गति की गेंद ने, पूरी दिशा बदल दी हो। ओवल मैदान पर इंग्लैंड को 6 रन से मात देकर भारत ने सीरीज 2‑2 से बराबर कर दी। यह जीत भारत की टेस्ट इतिहास की सबसे नजदीकी और साहसिक जीत भी साबित हुई।
मैच की कहानी आख़िरी दिन की शुरूआत
इंग्लैंड को पांचवें टेस्ट की अंतिम पारी में 374 रन का लक्ष्य मिला था। चौथे दिन के अंत तक उन्होंने 301/3 स्कोर कर लिया था, जिसमें Harry Brook (111) और Joe Root (105) की शतकीय पारियों ने टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया था।
पाँचवें दिन की सुबह शुरुआत इंग्लैंड के पक्ष में हुई — उन्हैंतकों 35 रन चाहिए थे और चार विकेट भी हाथ में थे — ऐसा लग रहा था कि स्क्रिप्ट पहले से ही तय हो चुकी है।
लेकिन यहाँ से शुरू हुआ भारत का प्लेबैक।
Mohammed Siraj ने अपनी आत्म-प्रतिज्ञा पूरी की। उन्होंने अंतिम दिन सुबह में तीन खिलाड़ियों को क्रमशः आउट किया Jamie Smith, Gus Atkinson और Jamie Overton सिर्फ 9 रन पर योगदायक।
ফिर Siraj के पांच विकेट पूरे हुए 5 for 104 जिसमें उन्होंने अंतिम चार विकेट एक घंटे से भी कम समय में चटकाए। Siraj ने Jamie Smith को Dhruv Jurel के हाथों कैच करवाया, मैच टर्न आया जब उन्होंने Overton को LBW आउट किया, और फिर Gus Atkinson की हार उनकी अंतिम विकेट बन गई। Atkinson, जो कि आखिरी विकेट था, मोर्चाकार रूप से 17 रन पर खड़ा था, लेकिन Siraj की शानदार yorker ने उसे बोल्ड कर दिया — इस तरह भारत ने 6‑run से जीत दर्ज की ।
Prasidh Krishna ने चार विकेट झटके—जिसमें Josh Tongue को भी स्लो yorker से आउट किया गया—ताकि England का आखरी स्टैंड टूट सके।
Washington Sundar ने vital 39 रन की 10- विकेट साझेदारी निभाई, जिसमें 4 छक्के शामिल थे, महत्वपूर्ण योगदान दिया।
दोनों का जिस संयोजन और आत्मविश्वास से योगदान रहा, उसने India को एक निर्णायक स्थिति दी
Chris Woakes, जो पहले दिन बैटिंग करते समय घुटने में चोट और कंधे खराब होने के बावजूद वापसी किया, वह एक हाथ में स्लिंग बाँधे मैदान पर लौटे—यह साहस भारत की जीत को और भी दिलचस्प बना गया। उन्होंने जीत की संभावना होने तक स्ट्राइक संभाले रखी लेकिन कोई गेंद नहीं फेस की। ढाई रन से हार के बावजूद यह मिजाज़ दर्शकों और विशेषज्ञों द्वारा सराहा गया
यह टेस्ट एक बड़े मनोवैज्ञानिक और तकनीकी युद्ध था।
भारत ने बुमराह के बिना अपनी सफलता की राह खोजी; सिराज, प्रसिध़, वाशिंगटन सुन्दर जैसे खिलाड़ी सक्रिय हुए।
England की मजबूत शुरुआत के बावजूद भारत ने अंतिम क्षणों में आत्मविश्वास और संयम से पलटकर जीत हासिल की जो कप्तान Gill की रणनीति और उनकी टीम भावना पर व्याख्यात्मक संकेत है।
India ने सबसे नजदीकी Test जीत के ज़रिए साबित किया कि न केवल तकनीकी क्षमता, बल्कि आत्म-विश्वास और मानसिक दृढ़ता भी जीत की कुंजी है। series 2‑2 से समाप्त कर के भारत ने England-India की प्रतिस्पर्धा को और सम्मानजनक बना दिया।
यह मैच सिर्फ एक टेस्ट नहीं, बल्कि क्रिकेट की भावनात्मक परीक्षा था—जहाँ Siraj की गेंद, Gill की कप्तानी और Woakes की वीरता ने मिलकर इतिहास बनाया।