iran fires 100 drones to israel iran fires 100 drones to israel

टॉप कमांडर्स की हत्या के बाद ईरान ने इज़राइल पर किया 100 से अधिक ड्रोन हमले

 

 

13 जून 2025 की सुबह, मिडिल ईस्ट में एक बार फिर तनाव का माहौल अत्यधिक तीव्र हो गया, जब ईरान ने इज़राइल पर 100 से अधिक ड्रोन भेजे, यह कार्रवाई इज़राइल द्वारा ईरानी उच्च कमांडरों और परमाणु-संबंधित परिसरों पर किए गए हमलों के प्रतिशोध में की गई थी। इज़राइल ने “Operation Rising Lion” नामक एक बड़े पैमाने पर हवाई अभियान में करीब 200 फाइटर जेट्स और 330 से अधिक बम/मिसाइलों का इस्तेमाल करते हुए लगभग 100 रणनीतिक लक्ष्यों को निशाना बनाया ।

यह हमला खासकर ईरान के अहम परमाणु सुविधा “नतांज” और अन्य सैन्य ठिकानों पर केंद्रित था। इज़राइली आक्रमण में IRGC (इस्लामिक रेवोल्यूशनरी गार्ड्स कोर) के चीफ हुसैन सालामी, ईरानी सेनाध्यक्ष मोहम्मद बघेरी, और कई परमाणु वैज्ञानिक मारे गए। साथ ही गृह मंत्री अयातोल्ला क़ामेनी ने इस हमले को “कायरता पूर्ण” बताते हुए इज़राइल को “भारी प्रतिक्रिया” का अल्टीमेटम दिया ।

इज़राइल रक्षा बलों (IDF) के प्रवक्ता एफी डिफ्रिन ने कहा कि ईरान ने कुल मिलाकर “100 से अधिक ड्रोन” लॉन्च किए, जिन्हें रोकने हेतु इज़राइल की सभी वायु रक्षा प्रणाली सक्रिय की गईं। हालांकि, उन्होंने बताया कि यह “अब तक के मुकाबलों से अलग स्तर” का हमला था, और आने वाले घंटों में “और भी मुश्किलें” बनी रहेंगी—इससे स्पष्ट है कि इज़राइल को अप्रत्याशित ड्रोन हमलों की आशंका है ।

इस ड्रोन हमले से पूर्व इज़राइली मिसाइल हमला भी इज़रायल और उसके धरती पर रहने वाले नागरिकों के लिए एक नया खतरा बन गया है। इज़राइल में एयर-रैड अलर्ट बजने लगे और कई शहरों के आस-पास “इमरजेंसी पोजीशनिंग” लागू कर दी गई। इसके साथ ही जॉर्डन, ईराक समेत कई मध्यपूर्वी देशों ने अपना वायुक्षेत्र सील कर दिया ।

इस हमले के समय, अंतर्राष्ट्रीय परमाणु एजेंसी (IAEA) ने पुष्टि की कि नतांज संयंत्र क्षतिग्रस्त हुआ, परंतु किसी प्रकार का रेडिएशन रिसाव दर्ज नहीं किया गया। अमेरिकी विदेश सचिव मार्को रुबियो और पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इस हमले में अमेरिका की भागीदारी से स्पष्ट दूरी बनाई, हालांकि उन्होंने इज़राइल को आत्मरक्षा का अधिकार दिया ।

इस पूरे मुठभेड़ ने इस क्षेत्र को पूर्व-युद्ध की कगार पर ला खड़ा किया है। ब्रिटिश पीएम कीर स्टारमर सहित कई वैश्विक नेता संयम की अपील कर रहे हैं, मगर फिलहाल माहौल बेहद संवेदनशील बना हुआ है ।

क्षेत्रीय व वैश्विक प्रभाव

  1. सैन्य रणनीतिक बदलाव: इज़राइल और ईरान के बीच सीधे टकराव ने यह संकेत दिया कि अब पारंपरिक संघर्ष के अलावा ड्रोन और मिसाइल हमलों के नए युग की शुरुआत हो गई है।
  2. उड़ान और वाणिज्यिक प्रभाव: मध्य पूर्व में वायुसेवा कंपनियों ने उड़ान रद्द की; एयर इंडिया समेत कई एयरलाइंस को अपने मार्ग संशोधित करना पड़ा ।

ईराक-इज़राइल ड्रोन-आक्रमण श्रृंखला ने यह साबित कर दिया कि मध्य पूर्व में तनाव सीमित संघर्षों से आगे बढ़ चुका है। 100+ ड्रोन से लैस ईरानी जवाबी कार्रवाई ने क्षेत्र और उस से परे के देशों को सावधान कर दिया है। अब महत्वपूर्ण ये है कि वैश्विक समुदाय कैसे आगे बढ़े—क्या कूटनीतिक समाधान की राह अपनाती है या फिर सैन्य टकराव और गहरा होता जा रहा है।