
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में इन दिनों 69000 सहायक शिक्षक भर्ती (69000 Assistant Teacher Recruitment) मामले को लेकर विपक्षी पार्टियाँ सरकार को आड़े हाथे ले रही है। भर्तियों को लेकर यूपी में सियासत गरमा गई है। हालांकि योगी सरकार ने मामले की जांच यूपी एसटीएफ को सौंप दी है। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) ने इसे व्यापम घोटाला करार दिया है, वहीं बसपा सुप्रीमो मायावती (BSP Supremo Mayawati) ने मामले की जांच सीबीआई को सौंपने की मांग की है। वहीं समाजवादी पार्टी (samajwadi Party) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने ट्वीट कर प्रदेश में भर्तियों को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) पर तंज कसा है।
अखिलेश यादव का ट्वीट :
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव आये दिन सहायक शिक्षक भर्ती को लेकर योगी सरकार पर निशाना साधते नजर आते है। आज एक बार फिर अखिलेश ने योगी पर तंज कस्ते हुए ट्वीट किया है। उन्होंने ट्विटर पर लिखा की, “उप्र की भाजपा सरकार में इन्वेस्टमेंट समिट्स व डिफ़ेंस एक्सपो का कागजी इवेंट न निवेश ला सका न रोज़गार। यदि मुख्यमंत्री जी 69000 शिक्षक, VDO, LT, ATA व UPPSC की अन्य नौकरियां अटकाएं-लटकाएं न और जाते-जाते नौकरियों का ‘दिव्य दान’दे जाएं तो युवा उनकी विदाई मुस्कुरा कर करेंगे।” हालांकि इस मामले में बेसिक शिक्षा मंत्री सतीश द्विवेदी ने कहा कि इस मामले को राजनितिक मोड़ दिया जा रहा है। जबकि 69000 शिक्षक भर्ती प्रकिया हाईकोर्ट के आदेश के बाद स्थगित हुई है।
जांच एसटीएफ को सौंपी गई :
शिक्षा मंत्री सतीश द्विवेदी ने कहा कि मई में शिक्षक भर्ती में लेन-देन की शिकायत की गई थी। शिकायत पर केएल पटेल समेत 11 लोगो को गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के बाद प्रयागराज के एक परीक्षा केंद्र पर धांधली का खुलासा हुआ था। परीक्षा में धांधली के बाद 69 हजार शिक्षक भर्ती की एसटीएफ को जांच सौंपी गई। मंत्री ने कहा कि एक तिवारी अभ्यर्थी के ओबीसी वर्ग में चयन होने पर सवाल उठा है। लेकिन अभी संबंधित अभ्यर्थी की कॉउंसिलिंग नहीं हुई थी। दस्तावेजों की जांच के लिए कॉउंसलिंग कराई जाती है।
मायावती ने की सीबीआई जांच की मांग :
बता दे इस मामले को लेकर बसपा सुप्रीमो मायावती ने सरकार को घेरते हुए ट्वीट कर कहा कि, “यह मामला काफी गंभीर हो गया है। जनता काफी आशंकित है। ऐसे में इसकी सी.बी.आई. जांच होनी चाहिए, बी.एस.पी. की यह मांग है। ”
प्रियंका ने कहा यूपी का व्यापम घोटाला :
वहीं, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव प्रियंका गांधी ने इस मामले को उत्तर प्रदेश का व्यापम घोटाला की संज्ञा दी है। उन्होंने कहा की, इस मामले में गड़बड़ी के तथ्य सामान्य नहीं हैं। डायरियों में स्टूडेंट्स के नाम, पैसे का लेनदेन, परीक्षा केंद्रों में बड़ी हेरफेर, इन गड़बड़ियों में रैकेट का शामिल होना, ये सब दर्शाता है कि इसके तार काफी जगहों पर जुड़े हैं। मेहनत करने वाले युवाओं के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए। सरकार अगर न्याय नहीं दे सकी तो इसका जवाब आंदोलन से दिया जाएगा।