
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में 1 जून सुबह से ही ऑटो-टैम्पो व कैब का संचालन शुरू कर दिया गया। संचालन के बाद अफसरों को याद आया कि सार्वजनिक वाहनों को लेकर कोई नियम नहीं बने हैं। अफसरों ने डीएम के साथ बैठक की, फिर आरटीओ (RTO) आफिस में ऑटो, टेम्पो और कैब टैक्सी के संचालकों के साथ बैठक की गई।
बता दें कि गाड़ियों का यातायात शुरू करने का आदेश रविवार शाम ही जारी हो गया था, लेकिन अफसरों ने रविवार को कोई रणनीति तैयार नहीं की थी। ऐसे में शासन के आदेश के बाद सोमवार सुबह से ही ऑटो-टेम्पो और कैब सड़को पर दौड़ने लगीं।
बैठक के दौरान यह निर्णय लिया गया कि मंगलवार से वाहनों को सैनिटाइज करवाने का काम शुरु किया जायगा। कुछ शर्तों वा नियमों के साथ गाड़ियां सैनिटाइज करवाने के बाद ही बुधवार से ऑटो-टेम्पो और कैब व बाइक कैब की आवा-जाही शुरू की जायगी। इन शर्तो का पालन करने पर की संचालक अपनी गाड़ियां सड़को पर निकाल सकेंगे – ऑटो-टेम्पो स्टैंड पर ही वाहन सैनिटाइज करना होग, ड्राइवर के अलावा टेम्पो में अधिकतम छह और ऑटो में तीन यात्री बैठ सकेंगे, ऑटो-टेम्पो में ड्राइवर और हर यात्री को मास्क लगाना अनिवार्य होगा, यात्रियों के बैठने से पहले ड्राइवर उनके हाथ सैनिटाइज करवाएंगे, ऑटो-टेम्पो की विंड स्क्रीन पर फेस मास्क लगाने और सैनिटाइजर होने का स्टिकर भी लगाना अनिवार्य होगा।
ट्रांसपोर्टनगर आरटीओ कार्यालय के एआरटीओ संजीव गुप्ता ने बताया कि गाड़ियों को सैनिटाइज़ करने के लिए परिवहन विभाग यूनियनों को मशीनें और केमिकल प्रदान करेगा । इसके साथ कैब संचालकों से कहा गया है कि वे शहर के विशेष इलाकों में यात्रियों की थर्मल स्कैनिंग का इंतजाम करें, जिसके लिए अपने कर्मचारी तैनात करने के लिए निर्देश दिए गए हैं।