
नई दिल्ली: तब्लीगी जमात से ताल्लुक रखने वाले विदेशियों के खिलाफ केंद्र सरकार द्वारा बड़ा फैसला लिया गया है. सरकार ने तबलीगी जमात से जुड़े 2200 नागरिकों के भारत आने पर बैन लगा दिया है.
इन सभी पर आरोप है कि कोरोना वायरस के संक्रमण के शुरुआती दौर में इन्होंने गैरकानूनी तरीके से भीड़ इकट्ठा की, जसके कारण यह वायरस तेजी से फैला और फिर इसकी चपेट में देश के कई राज्यों के लोग आए. शुरुआती दौर में इनके कारण करीब एक तिहाई लोगों और 17 राज्यों में संक्रमण फैला और काफी लोगों की मौत हुई.
दरअसल 15 मार्च के करीब देश में कोरोना वायरस का संक्रमण फैलने के कारण लॉकडाउन की शुरुआत की गई थी, लेकिन दिल्ली में धारा 144 लागू होने के बाद भी हजारों जमाती हजरत निजामुद्दीन स्थित तबलीगी मरकज में कई दिनों तक इकट्ठा रहे. इस दौरान कई लोगों के ऑडियो भी सामने आए, जिसमें हजरत निजामुद्दीन स्थित तब्लीगी मरकज के मुखिया मौलाना साद यह कहते हुए सुनाई दिए कि “कोरोना वारयस से डरने की जरूरत नहीं है.”
निजामुद्दीन मरकज में इकट्ठे हुए तबलीगी जमात के लोगों की वजह से देश में कोरोना के कई मामले सामने आए थे। विभिन्न राज्यों में जाने से कोरोना तेजी से फैल गया था और इसके बाद मौलाना साद की भी काफी आलोचना हुई। इस मामले में दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने पिछले बृहस्पतिवार को दक्षिण दिल्ली स्थित साकेत कोर्ट में 12 नई चार्जशीट दाखिल की, जिसमें 541 विदेशी नागरिकों को आरोपित बनाया गया। पुलिस अब तक कुल 47 चार्जशीट फाइल कर चुकी है, जिसमें 900 से अधिक जमातियों को आरोपित बनाया गया है।