ऑटो चालक ने खरीदा करोड़ों का विला, आयकर विभाग ने की छापेमारी

एक ऐसा शख्स जो पिछले दो साल से ऑटो रिक्शा चला रहा था। अचानक से वो करोड़ों के विला में रहने लगा। जिसके बाद अब उस व्यक्ति पर आयकर विभाग ने शिकंजा कस दिया है। आयकर विभाग ने हाल ही में बैंगलोर के व्हाइटफील्ड में बने 1.6 करोड़ की कीमत वाले विला में सर्च अभियान चलाया। सूत्रों के हवाले से मिली खबरों के अनुसार सर्च ऑपरेशन के दौरान विला से 7.9 करोड़ कैश, करोड़ों की ज्यूलरी और प्रॉपर्टी के कागज बरामद हुए हैं।

जिस ऑटो ड्राइवर से करोड़ों का कैश बरामद हुआ है उसकी पहचान नालुरल्ली सुब्रमणि (37) के रूप में हुई है। तलाशी अभियान के बाद आयकर अधिकारी ने बताया कि सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार विला में तलाशी अभियान चलाया गया। हम इसके बारे में ज्यादा खुलासा नहीं कर सकते। ये एक बेनामी संपत्ति का मामला लगता है। अभी मामले की जांच की जा रही है। जांचकर्ताओं ने विला का निर्माण करने वाले डेवेलपर को नोटिस जारी कर दिया है। अभी भी संपत्ति से संबंधित जानकारी जुटाई जा रही है।

वहीं, विला का निर्माण करने वाली जेट्टी इंजीनियरिंग इंडिया लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर लक्ष्मी जेट्टी ने इस मामले में जानकारी देते हुए बताया कि, ‘हमारे पास जो भी जानकारी और दस्तावेज थे हमने अधिकारियों को दिखा दिए हैं। हम उनके साथ इस मामले में हर तरह से सहयोग देने के लिए तैयार हैं’।

सुब्रमणि की कहानी में एक और पेचीदा भूमिका एक 72 वर्षीय अमरीकी महिला की है जिसका सुब्रमणि के पास इतनी बड़ी संपत्ति होने से कनेक्शन बताया जा रहा है। ऐसा बताया जा रहा है कि ये संपत्ति अमरीकी महिला की ही है। हालांकि, ऐसे भी कयास लगाए जा रहे हैं कि सुब्रमणि के राजनेताओं से भी संबंध हैं जिस कारण वो इतनी बड़ी संपत्ति जुटाने में सफल रहा है।

मैनेजिंग डायरेक्टर लक्ष्मी जेट्टी ने इस मामले की जानकारी देते हुए बताया कि, ‘कुछ साल पहले सुब्रमणि किराए पर एक विला  लेने के लिए एक अमरीकी महिला को लेकर हमारे पास आया था। उसने विल्ला लेने के लिए काफी दिलचस्पी दिखाई जिस कारण हमने उसे 30 हजार प्रति माह के किराए पर विल्ला दे दिया। उसने 10 लाख रु के 16 चेक दिए और ऐसे हमने विल्ला की 1.6 करोड़ वसूल की।

जैसे ही उसने विला में रहना शुरु किया। उसने ऑटो चलाना बंद कर दिया। इस दौरान उसने अपने बच्चों को भी व्हाइटफील्ड के डीन्स अकैडमी इंटरनेशनल स्कूल में पढ़ने के लिए डाल दिया। हमने उसे कई राजनीतिक दलों के नेताओं से बातचीत करते देखा। इदौरान उसने सोसाइटी में कई इवेंट भी आयोजित करवाए मगर हमने उसे किसी भी काम पर जाते नहीं देखा।

वहीं, सुब्रमणि ने इन सभी आरोपों से किनारा कर लिया है। उसका कहना है कि उसे फंसाने की कोशिश की जा रही है। जिस अमरीकी महिला का जिक्र किया जा रहा है। उसने मेरी मदद करनी चाही ताकि मेरे बच्चे अच्छे स्कूल में पढ़ सकें। इसलिए उसने मुझे कम ब्याज दर पर लोन भी दिलवाया और जहां तक राजनीतिक दलों से सांठगांठ का मामला है तो मुझे फंसाने की कोशिश की जा रही है।