भारत में यह कोई पहला मामला नहीं है जब गैस रिसाव की घटना सामने आई हो, इससे पहले 3 दिसंबर, 1984 का भोपाल में जहरीली गैस के रिसाव से शहरे में मौत का तांडव मचा था। जो औद्योगिक इतिहास की सबसे बड़ी दुर्घटना मानी जाती है। 3 दिसंबर की रात आजतक कोई नहीं भूल पाया है। जब मौत ने दबे पांव हजारों लोगों को अपनी आगोश में ले लिया था। भोपाल में यूनियन कार्बाइड के कारखाने से निकली जहरीली गैस से 25 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी। इस भयंकर त्रासदी के बाद भोपाल में जिस बच्चे ने भी जन्म लिया, उनमें से अधिकांश बच्चे या तो विकलांग पैदा हुए या फिर किसी बीमारी को लेकर ही इस दुनिया में आए।
आरोग्य सेतु ऐप को हैकर्स ने क्रैक कर दिया है : राहुल गांधी
नई दिल्ली। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पत्रकारों से बात की। उन्होंने कहा…