
लखनऊ: यूपी में डेढ़ साल से इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों का सपना पूरा होने जा रहा था, जब उन्हें अध्यापक पद पर नौकरी मिलनी थी। बता दें कि उत्तर प्रदेश परिषदीय प्राथमिक स्कूलों में 69000 सहायक अध्यापकों की भर्ती पर इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने रोक लगा दी है।
परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय ने 9 मई को संशोधित उत्तरमाला और 12 मई को परिणाम जारी किया था लेकिन एक-दो नंबर से फेल हो रहे सैकड़ों अभ्यर्थियों ने तकरीबन एक दर्जन प्रश्नों के उत्तर को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट की इलाहाबाद और लखनऊ खंडपीठ में 200 से अधिक याचिकाएं दाखिल की थी।
कोर्ट ने अभ्यर्थियों को आपत्ति दर्ज करने के लिए 1 सप्ताह का समय दिया है। इन आपत्तियों को सरकार यूजीसी के पास भेजेगी। यूजीसी एक विशेषज्ञ कमेटी बनाकर सभी आपत्तियों को निस्तारित करेगी। मामले की अगली सुनवाई 12 जुलाई को होगी।
विषय विशेषज्ञों की रिपोर्ट पर पाठ्यक्रम से बाहर के पूछे गए हिन्दी के तीन प्रश्नों पर सभी को समान रूप से प्रत्येक प्रश्न के लि एक-एक (कुल तीन-तीन नंबर) दिए जा चुके हैं।