सेंट्रल जेल में महिला कैदी का जेलर पर यौन शोषण का संगीन आरोप, PMO ने दिए जांच के आदेश

बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के शेल्टर होम केस की घटना के बाद एक और मामले ने इलाके को शर्मसार कर दिया है। ताजा खबर है कि जिले में स्थित खुदीराम बोस सेंट्रल जेल की एक महिला कैदी ने संगीन खुलासा करते हुए कहा है कि महिला कैदियों के साथ जबरन यौन संबंध बनाने के लिए मजबूर किया जाता है।

बिहार के मुजफ्फरपुर में स्थित शहीद खुदीराम बोस सेंट्रल जेल की एक महिला कैदी ने जेल सुपरिटेंडेंट पर यौन उत्पीड़न का सनसनीखेज आरोप लगाया है। महिला कैदी का आरोप है कि जेल सुपरिटेंडेंट राजीव कुमार सिंह ने उसके साथ और उसकी बेटी के साथ यौन उत्पीड़न की कोशिश की थी।

इस काम में एक पुलिसकर्मी और कुछ अन्य कैदियों ने उसका साथ दिया था। जिला प्रशासन ने इस मामले की जांच के लिए 5 सदस्यों की एक टीम गठित की है। ये पीड़ित महिला से बयान लेकर मामले की तहकीकत करने में जुट गए हैं।

दैनिक अखबार जागरण की रिपोर्ट के मुताबिक अगर कोई महिला कैदी ऐसा करने से इनकार कर देती है तो उसके साथ खाना बंद करन देने और झूठे आरोप में मारपीट जैसा अत्याचार किया जाता है। इतना ही नहीं उसने ये भी खुलासा किया है कि अगर कोई महिला कैदी मजबूरीवश ऐसा करने से सहमत हो जाती है तो उसे मोबाइल फोन पर बात करने जैसी सुविधा दी जाती है। इन कामों में महिला सिपाही भी आरोपियों का भरपूर साथ देती है।

इस महिला का आरोप है कि कुछ समय पहले एक महिला सिपाही ने जेल पदाधिकारियों के साथ संबंध बनाने को लेकर दबाव डाला जब उसने मना किया तो उसकी इतनी पिटाई की गई कि वह बेहोश हो गई। पीड़ित महिला ने तंग आकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतिश कुमार सहित महिला आयोग तक को पत्र लिखा है। ताजा खबर के मुताबिक पीएमओ ने मामले पर संज्ञान लिया है और इसके जांच के आदेश दे दिए हैं।