
नई दिल्ली। दुनिया में कोरोना वायरस के कारण हाहाकार मचा हुआ है। हर रोज कोरोना के मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। यह वायसर अब भारत में तेजी से फैल रहा है। इस बीच कोरोना वायरस की वैक्सीन को लेकर भारत ने एक अहम कदम बढ़ाया है। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च ने भारत बायोटेक इंटरनेशनल लिमिटेड के साथ मिलकर देश में ही कोविड-19 की वैक्सीन तैयार करने जा रहा है।

कोरोना वायरस की वैक्सीन तैयार करने के लिए पुणे के लैब से वायरस स्ट्रेन को भारत बायोटेक को भेज दिया गया है। जानकारी के मुताबिक अगर वैक्सीन तैयार हो जाती है तो सबसे पहले जानवरों पर इसका ट्रायल किया जाएगा। जानवरों पर ट्रायल सफल होने के बाद इंसानों पर इसका ट्रायल किया जाएगा।
आइए जानते हैं भारत बायोटेक के बारे में
भारत बायोटेक का प्लांट, एशिया-पैसिफिक के सबसे बड़े फार्मास्यूटिकल मैनुफैक्चरिंग प्लांट्स में से एक है। साल 1996 में भारतीय वैज्ञानिक डॉ. कृष्णा ऐल्ला ने भारत बायोटेक की नींव रखी थी। वो अमेरिका से ये इरादा लेकर लौटे थे कि भारत में इनोवेटिव वैक्सीन्स बनाएंगे। वही इसके चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर हैं। वैक्सीन बनाना भारत बायोटेक की खासियत है। कंपनी अब तक 160 से ज्यादा पेटेंट करा चुकी है। BBIL कोरियन फूड एंड ड्रग्स एडमिनिस्ट्रेशन (KFDA) से ऑडिट और अप्रूव्ड होने वाली देश की पहली कंपनी है। बता दें कि भारत बायोटेक ने साल 1998 में दुनिया की पहली सीजियम क्लोराइड फ्री हेपेटाइटिस B की वैक्सीन बनाई थी। इसे देश के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम ने लॉन्च किया था।