यूपी के देहरादून से 12 साल के मासूम की हत्या और फिर इस मामले में स्कूल प्रशासन का शर्मनाक रुख सामने आया है। यहां एक बोर्डिंग स्कूल में दो सीनियर छात्रों ने 12 साल के एक बच्चे की क्रिकेट बैट और विकेट से पीट-पीटकर हत्या कर दी, लेकिन स्कूल प्रशासन ने कथित तौर पर न तो पुलिस को इस बारे में बताया और न ही बच्चे के माता-पिता को इसकी जानकारी दी। इतना ही नहीं, स्कूल प्रशासन ने बच्चे का शव भी आनन-फानन में स्कूल परिसर में दफना दिया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भी नहीं भेजा।
इस मामले में जो सनसनीखेज खुलासा हुआ है, वह पूरे मामले में स्कूल प्रशासन के शर्मनाक रवैये को दर्शाता है। 12 साल के छात्र वासु यादव की हत्या मंगलवार को हुई थी। 12वीं के दो छात्रों ने क्रिकेट बैट और विकेट से उसकी हत्या कर दी थी। देहरादून की वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक निवेदिता कुकरेती ने बताया कि 12वीं के दोनों छात्रों ने एक क्लासरूम में बुरी तरह 12 साल के बच्चे की पिटाई की। इसके बाद आरोपी छात्रों ने बच्चे को वहीं छोड़ दिया, जिसे शाम में हॉस्टल वार्डन ने देखा।
#Uttarakhand: A 12-yr-old student beaten to death by his two seniors at a boarding school in Dehradun. SSP Dehradun says, "2 senior students had beaten him. Postmortem report revealed internal injury shock as cause of death. 5 people including 2 students have been arrested." pic.twitter.com/Rd1UHXZynk
— ANI (@ANI) March 28, 2019
पुलिस की शुरुआती जांच में इसका खुलासा हुआ है कि स्कूल प्रशासन ने कथित तौर इस घटना पर पर्दा डालने की कोशिश की। बताया जाता है कि जैसे ही डॉक्टरों ने बच्चे को मृत घोषित किया, स्कूल प्रशासन ने बच्चे के शव को स्कूल परिसर के भीतर ही दफना दिया। यहां तक कि उसे पोस्टमार्टम के लिए भी नहीं भेजा गया और न ही बच्चे के माता-पिता को इस बारे में जानकारी दी गई। यह भी सामने आया है कि बच्चे को समय पर अस्पताल नहीं ले जाया गया।
वहीं TOI के अनुसार, उत्तराखंड राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष ऊषा नेगी का कहना है कि स्कूल प्रशासन ने बच्चे की मौत को लेकर उसके माता-पिता को भी सूचित नहीं किया। पुलिस ने इस सिलसिले में हॉस्टल मैनेजर, वार्डन और स्पोर्ट्स टीचर के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।