कोलकाता नाइटराइडर्स (केकेआर) के कप्तान दिनेश कार्तिक सोमवार को अपनी पत्नी और केकेआर के सीईओ वेंकी मैसूर के साथ लंच कर रहे थे तब दीपिका का फोन बजा। उनके पिता ने दिनेश के विश्व कप टीम में चुने जाने की खुशखबरी दी, जिसे सुनकर कार्तिक खुशी से उछलने लगे। उनके खुश होने का बड़ा कारण भी है। 12 साल बाद कार्तिक की भारतीय विश्व कप टीम में वापसी हुई है।
दिनेश कार्तिक ने मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा, ‘यह बड़ा अवसर है। मैं बहुत भाग्यशाली हूं और बहुत खुश भी हूं।’ पीछे ध्यान दिया जाए तो विकेटकीपर बल्लेबाज ने बताया कि दो साल पहले उनकी विश्व कप में जाने की यात्रा शुरू हुई। अनुभवी विकेटकीपर बल्लेबाज ने कहा, ‘2019 विश्व कप के लिए मेरी यात्री दो साल पहले शुरू हुई। मुझे विश्वास हुआ कि अगर कुछ विशेष करूंगा तो इस शानदार टीम का हिस्सा बन सकूंगा जो विश्व कप खेलेगी।’
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ घरेलू सीरीज के लिए कार्तिक का चयन नहीं हुआ तो कई लोगों का मानना था कि वह विश्व कप की बस में सवार नहीं हो पाएंगे। कार्तिक ने कहा कि वह उस तरह की योजना बना चुके थे और इसलिए बिलकुल भी निराश नहीं थे। तमिलनाडु के क्रिकेटर ने कहा, ‘एमएसके प्रसाद ने मुझे फोन करके कहा कि हमने दोनों विकेटकीपर्स (पंत और कार्तिक) को बराबर मौका देने का फैसला किया है।’ प्रसाद ने स्पष्ट किया था कि वो मुझे भारत के ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड दौरे पर मौका देंगे और फिर मेरा प्रदर्शन जैसा भी हो, कंगारू टीम के खिलाफ घरेलू सीरीज में पंत को मौका दिया जाएगा। यह बहुत स्पष्ट बात कही गई थी जो मुझे काफी पसंद आई।
एमएस धोनी चोटिल हुए तो बैंड-एड का काम करूंगा
हालांकि, प्रसाद ने सोमवार को संकेत दिए कि दिनेश कार्तिक को एमएस धोनी के विकल्प के रूप में शामिल किया है। कार्तिक ने कहा कि वह टीम प्रबंधन द्वारा मिले किसी भी जिम्मेदारी को निभाने के लिए तैयार हैं। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा, ‘जहां तक एमएस धोनी की बात है, तो मैं एक छोटी सी फर्स्ट-एड किट हूं जो टीम के साथ यात्रा करेगी। अगर धोनी चोटिल होते हैं तो उस दिन के लिए मैं बैंड-एड रहूंगा।’
33 वर्षीय कार्तिक ने कहा, ‘अगर मौका मिला तो मुझे नंबर-4 या फिर फिनिशर की भूमिका भी निभानी पड़ सकती है, जिसके लिए मैं तैयार हूं। आईपीएल के बाद मैं प्रत्येक दिन तैयारी करूंगा ताकि विशेषज्ञ बल्लेबाज के रूप में प्रदर्शन कर सकूं और यह भूमिका मैं पहले भी अदा कर चुका हूं।’
फिनिशर बनाने का श्रेय इस क्रिकेटर को जाता है
दिनेश कार्तिक की निदाहास ट्रॉफी में फिनिशर के रूप में पहचान बनी, जिसका श्रेय वह अभिषेक नायर को देते हैं। उन्होंने बताया, ‘नायर ने मुझे विश्वास दिलाया कि मेरे अंदर मैच खत्म करने की क्षमता है और इसके लिए थोड़े अभ्यास की जरूरत है। मुझे कुछ अलग तरह के शॉट्स सीखने की जरूरत थी। हालांकि, मैंने कभी फिनिशर बनने की योजना नहीं बनाई। मैंने मुश्किल समय में भी निरंतर बेहतर प्रदर्शन करने की कोशिश की।’
कार्तिक ने कहा- पंत और मैं नहीं करते बात
2019 विश्व कप में चयन के बाद से पंत और कार्तिक के विषय पर जोरों से चर्चा है, लेकिन दोनों जब भी आईपीएल में आमने-सामने हुए तो इस बारे में बात नहीं हुई। कार्तिक ने कहा, ‘हमेशा किसी एक को तो जगह नहीं ही मिलती। यह खेल का नेचर है। मगर मैंने और पंत ने इस बारे में बात नहीं की। उसे मौका मिलने का भरोसा है और मुझे भी। अगर उसका चयन होता तो मैं निराश होता। अब अगर मेरा चयन हुआ तो भरोसा है कि उसे थोड़ी निराशा हुई होगी।’
कार्तिक को हालांकि पंत के उज्जवल भविष्य की उम्मीद है और विश्व कप के बाद वह उनके साथ ड्रेसिंग रूम शेयर करने को लेकर उत्साहित हैं। उन्होंने कहा, ‘पंत एक विशेष खिलाड़ी हैं। मुझे विश्वास है कि वह टीम इंडिया के लिए लंबे समय तक खेलेंगे। अगर मैं धोनी के साथ खेल सकता हूं तो पंत के साथ क्यों नहीं। विश्व कप के बाद उनके साथ ड्रेसिंग रूम शेयर करना चाहूंगा।’