राहगीरों के लिए असमंजस की स्थिति, जान जोखिम मे डाल के चलना पड़ता है इस मार्ग पर।

सरकार के दावे पर पानी फेर रहे क्षेत्रीय अधिकारी एवं कर्मचारी

क्या आपने कभी देखी है ऐसी सड़क? जिस पर चलते समय हम ये नही कह सकते की हम सकुशल घर पहुंचेंगे

क्या PWD यानी Public works department (सार्वजनिक निर्माण विभाग) के अधिकारियों को राहगीरों की जान की कोई फिक्र नही है ? या जानबूझ के अनदेखी हो रही?

क्या कोई बड़ी घटना य अनहोनी का इन्तजार है PWD विभाग को?
क्या किसी घटना के बाद ही PWD की आंखे खुलेंगी तभी नज़र आयेगी वर्षों से टूटी फूटी सड़क?

उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले के मुख्यालय से खैरीघाट थाने तक की सड़क की हालत क्या है आप फोटो मे देख सकते हैं।

बात करते हैं ऐसी सड़क की जिसपे यदि आप यात्रा कर रहें हैं तो अपने आप को बिल्कुल भी सुरक्षित महसूस नही कर सकते।
बहराइच जिले थाना खैरीघाट से बहराइच मुख्यालय को जोड़ने वाली सड़क की हालत इतनी बदतर है की लोग इस रस्ते पर आने जाने मे कतराते हैं उसकी सबसे बड़ी वजह PWD एवं प्रशासन की लापरवाही है।
जैसा की उत्तर प्रदेश ने प्रदेश में गड्ढा मुक़्त सड़क का दावा काफी पहले से कर रही लेकिन इस दावे को कैसे नजरअन्दाज कर रहे है PWD के अधिकारी वह आप खुद देख सकते हैं।

सालों से फूटा टूटा मार्ग ऐसा मार्ग जहां पर 24 घन्टे आवागमन चालू रहता है। लेकिन किसी भी नेता एवं प्रशासन की नज़र नही पड़ी आज तक इस मार्ग पर।

जबकि लगभग हमेशा बड़े नेता एवं अधिकारियों का भी आवागमन भी रहता हैं इस मार्ग पर।
आखिर किस अनहोनी का इन्तजार है प्रशासन एवं PWD को?