महाराष्ट्र का रहने वाला एक युवा गंधार कुलकर्णी एक नेक मकसद से साइकिल यात्रा पर निकला हुआ है उसका मकसद मातृ भाषा के बारे में जागरूकता पैदा करना है गंधार मातृभाषा के लिए 20,000 किलोमीटर लंबे ‘अखिल भारतीय साइकिल यात्रा’ पर निकले हुए हैं और वर्तमान में सिलीगुड़ी में हैं।
गंधार कहते हैं, “मैंने इसे अपनी मातृभाषा के बारे में जागरूकता पैदा करने और स्कूलों में इस पर जोर देने के लिए ये शुरू किया है”
अपनी मातृभाषा के प्रति लगाव रखने व महत्व देने के लिए गंधार कुलकर्णी का अभियान पश्चिम बंगाल पहुंचा हुआ है सिलीगुड़ी में अपने ‘ऑल इंडिया साइकिल टूर’ के बारे में कुलकर्णी ने बताया कि उन्होंने अपनी मातृभाषा के बारे में जागरूकता पैदा करने और स्कूलों में इस पर जोर देने के लिए यह पहल की है।
गंधार कुलकर्णी ने बताया कि मैंने 1 जुलाई 2018 को इसकी शुरुआत की और 15 अगस्त को इस वर्ष को पूरा करने का इरादा है। मैं अपनी मातृभाषा के बारे में जागरूकता पैदा करने और स्कूली शिक्षा में इस पर जोर देने के लिए यह कर रहा हूं। सभी भाषाओं को पढ़ना चाहिए लेकिन उन्हें पहले अपनी मातृभाषा सीखनी चाहिए।
गंधार युवाओं के लिए एक मिसाल हैं जो अकेले ही साइकिल पर सवार होकर मातृभाषा को बचाने के लिए जागरुकता अभियान में जुटे हुए हैं। गंधार कुलकर्णी ने स्कूली छात्र-छात्राओं को मातृभाषा की महत्ता व उसका सम्मान कर उसे अपनाने की अपील की। उनका कहना है कि प्राइमरी स्तर तक की पढ़ाई मातृभाषा में होनी चाहिए।