PRIVATE BROWSING पर GOOGLE की नज़र, 5 अरब डॉलर का मुकदमा दर्ज

PRIVATE BROWSING पर GOOGLE की नज़र, 5 अरब डॉलर का मुकदमा दर्ज
PRIVATE BROWSING पर GOOGLE की नज़र, 5 अरब डॉलर का मुकदमा दर्ज

नई दिल्ली: आपने सुना होगा कि वेब ब्राउजर (WEB BROWSER) के प्राइवेट मोड (Private Mode) में सर्च करने वाली साइट्स की सर्च हिस्ट्री नहीं बनती है। इस मोड में काम करने पर आपको ट्रैक नहीं किया जा सकता है, लेकिन गूगल क्रोम के साथ ऐसा नहीं है. इसी मामले को लेकर गूगल के खिलाफ अमेरिका के कैलीफोर्निया के उत्तरी जिले के जिला न्यायालय में यूजर्स की ऑनलाइन एक्टिविटी को ट्रैक करने के आरोप में 5 अरब डॉलर का एक मुकदमा दर्ज हुआ है.

इस मामले में गूगल के प्रवक्ता जोस कास्टानेडा ने कहा है कि “इंकॉग्निटो मोड (Incognito mode) में भी कुछ वेबसाइट्स यूजर्स की गतिविधि को ट्रैक कर सकती है और डाटा सेव कर सकती है।” इसके साथ उन्होंने कहा है कि वह प्राइवेट मोड से डाटा कलेक्ट करने को लेकर बेहद ईमानदार है।

बता दें कि गूगल पर यह मुकदमा लॉ फर्म Boies Schiller Flexner ने कैलिफोर्निया के सैन जोस में दायर किया था। शिकायत में दावा किया गया कि प्रस्तावित कार्रवाई में गूगल के लाखों यूजर्स शामिल हैं, जिन्होंने 1 जून 2016 तक इंटरनेट को निजी मोड (Private Mode) में इस्तेमाल किया है। शिकायत में कहा गया कि गूगल को सभी अमेरिकी यूजर्स के डाटा को सेव करने का हक नहीं है।

ख़बरों के अनुसार, मुकदमा करने वाली फर्म Google और उसकी मूल कंपनी Alphabet से कम से कम 5 अरब डॉलर की क्षतिपूर्ति चाहती है। शिकायत के मुताबिक Google के लाखों यूजर इससे प्रभावित हो सकते हैं और प्रत्येक यूजर को कम से कम 5,000 डॉलर मिलने चाहिए।