1 Year Modi Government 2.0 : फासलों को मिटाते फैसले से लिखा इतिहास

1 Year Modi Government 2.0 : फासलों को मिटाते फैसले से लिखा इतिहास
1 Year Modi Government 2.0 : फासलों को मिटाते फैसले से लिखा इतिहास

लखनऊ : सत्ता के शीर्ष शिखर पर दूसरी बार विराजमान प्रधानमंत्री नरेंद्र दामोदर दास मोदी ने अपने मंत्रिमंडल के साथ आज ही के दिन 30 मई, 2019 को शपथ ग्रहण किया था। इस लिहाज से MODI SARKAR 2.0 की आज पहली वर्षगांठ है और बीजेपी नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन यानी NDA की सरकार के दूसरे कार्यकाल का पहला साल हिंदुत्व की विचारधारा से जुड़ी दशकों पुरानी मांगों को पूरा करने के लिए ही याद किया जाएगा। बीजेपी कोरोना वायरस महामारी के बावजूद नरेंद्र मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल की पहली वर्षगांठ पर पूरे देश में डिजिटल माध्यम से अभियान चलाकर मोदी सरकार की उपलब्धियों के बारे में जन-जन को बताने में जुटी है। साल 2014 में ही जब मोदी पहली बार प्रधानमंत्री बने थे, तब से ही बीजेपी और सरकार वर्षगांठ के मौके पर अपनी उपलब्धियों को लोगों को बताती रही है।

मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में कभी पार्टी की कमान सँभालने वाले अमित शाह को संगठन से निकालकर मोदी सरकार में शामिल किया गया, जो पीएम मोदी के बाद सबसे ताकतवर मंत्री के रूप में उभरे। देश के गृह मंत्री के रूप में उन्होंने जम्मू-कश्मीर, सीएए समेत अन्य कई बड़े फैसलों की रूपरेखा तय की और उन्हें दमदार तरीके से आगे बढ़ाया। इसके साथ ही वरिष्ठ नेता जेपी नड्डा को जनवरी 2020 में शाह की जगह बीजेपी की अध्यक्षता सौंपी गई।

पीएम मोदी ने जब अपना दूसरा कार्यकाल संभाला तो एक के बाद एक ऐसे फैसले लिए जो इतिहास के पन्नों पर दर्ज हो गए। 2019 के लोकसभा चुनाव में मिले अपार जनसमर्थन का इस्तेमाल बीजेपी के वैचारिक सपनों को पूरा करने में किया। उन्होंने दूसरे कार्यकाल के पहले साल में संविधान के अनुच्छेद 370 को निष्प्रभावी करते हुए जम्मू-कश्मीर से विशेष राज्य का दर्जा छीन लिया। इसके साथ ही मोदी सरकार ने इस अवधि में दूसरी बड़ी वैचारिक उपलब्धि अयोध्या में राम मंदिर निर्माण की शुरुआत के साथ हासिल की।

ऐसा नहीं कि मोदी नेतृत्व में बीजेपी को निराशा नहीं हाथ लगी। बीजेपी महाराष्ट्र, हरियाणा, झारखंड और दिल्ली में विधानसभा चुनाव हारी और कहीं भी मोदी फैक्टर काम नहीं आया और बीजेपी ने क्षमता से अपेक्षाकृत कमजोर प्रदर्शन किया।

हालांकि, कर्नाटक और मध्य प्रदेश में बीजेपी को खोई सत्ता वापस हासिल करने में सफलता मिली। दोनों ही राज्यों में प्रतिस्पर्धी दलों में फूट पड़ी और बीजेपी को फायदा मिला। कर्नाटक में बीएस येदियुरप्पा दोबारा मुख्यमंत्री बन गए। वहीं, मध्य प्रदेश में कांग्रेस पार्टी का बड़ा चेहरा रहे ज्योतिरादित्य सिंधिया ने समर्थकों के साथ बीजेपी का रुख कर लिया और वहां फिर से शिवराज सिंह चौहान को मुख्यमंत्री की गद्दी मिल गई।

मोदी सरकार ने दूसरा कार्याकाल शुरू करते ही मुस्लिम समुदाय में बेहद विवादित तीन तलाक को खत्म करने संबंधी विधेयक को संसद के दोनों सदनों से पास करवा लिया। इसके बे बाद सरकार ने उससे भी विवादित नागरिकता (संशोधन) कानून यानी सीएए को भी संसद से पास करवाने में सफलता हासिल की।

हालांकि सीएए के खिलाफ जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच ही कोरोना संकट आ गया, जिसने ना सिर्फ देश बल्कि पूरी दुनिया को अपनी गिरफ्त में ले लिया। जिससे हिंदुस्तान में प्रवासी मजूदरों का एक नया संकट खड़ा हो गया। लाखों की संख्या में मजदूर अपने-अपने घरों को लौटने को बेताब हो उठे। नतीजा ये रहा कि एक बार भी मोदी सरकार पर विपक्ष हमलवार हो गया, जो कि राजनीती में स्वाभाविक है। अपनी सरकार के एक साल पूरा होने पर पीएम मोदी ने देश की जनता के नाम खुला ख़त लिखा है उन्होंने अपनी चिट्ठी में कोरोना वायरस से लेकर अर्थव्यवस्था का जिक्र किया। पीएम ने भरोसा जताया है कि देश कोरोना संकट से निकल आएगा। उन्होंने लोगों से अपील की इस आपदा से निकलने के लिए धैर्य बनाए रखने की जरूरत है। पीएम ने कहा कि कोरोना की मार से देश की अर्थव्यवस्था भी उबर जाएगी।

फिलहाल पीएम मोदी के इस एक साल को थ्री C यानी Conviction, Courage और Commitment के लिहाज से देखा जा सकता है।