
नई दिल्ली: पूर्वी लद्दाख से सटी सीमा रेखा पर भारत और चीन की सेनाओं के बीच एक महीने से चल रहे गतिरोध को दूर करने के लिए लेफ्टिनेंट जनरल स्तर की बातचीत शुरू हो गई है. इस बैठक की शुरुआत सुबह 9 बजे हुई. इस मीटिंग के लिए चीन के मोलडो-चुशूल स्थित बीपीएम हट को चुना गया है.
भारत की तरफ से इस बैठक का संचालन लेह स्थित 14वीं कोर के कमांडर, लेफ्टिनेंट जनरल हरिंदर सिंह करेंगे. बता दें कि लेफ्टिनेंट जनरल हरिंदर सिंह पिछले साल ही अक्टूबर में 14वीं कोर के कमांडर बनाए गए थे, जिसे फायर एंड फ्यूरी के नाम से भी जाना जाता है. इससे पहले वे सेना मुख्यालय में डीजीएमआई के पद पर थे. वहीँ चीनी पक्ष का नेतृत्व तिब्बत सैन्य जिला कमांडर करेंगे.
सूचना के अनुसार, भारत इस मीटिंग के दौरान चीन से गलवान घाटी, हॉट स्प्रिंग और पेंगांग झील के फिंगर 4 से पीछे हटने की मांग सख्ती से उठाएगा । दरअसल भारत पेंगांग झील (Pangong Lake) के मुद्दे पर ज़रा भी झुकने के लिए तैयार नहीं है. इसके साथ ही भारत द्वारा उन बख्तरबंद गाड़ियों और तोपों को भी पीछे ले जाने कि बात कहीं जाएगी, जिन्हें चीन अप्रैल और मई में आगे लेकर आया था.
भारत के लिए चिंता का विषय यह भी है कि चीन के सैनिक लद्दाख में पेंगांग झील के फिंगर 4 तक आ गए हैं, जहां भारतीय सैनिकों के साथ उनका टकराव हुआ. भारत चाहता है कि चीन के सैनिक भारतीय इलाके से हट जाएं. एलएसी पर अग्रिम चौकियों पर तैनात चीनी सैनिकों को वापस भेजा जाए। इसी मुद्दे पर लेफ्टिनेंट जनरल हरिंदर सिंह अपने समकक्ष चीनी मेजर जनरल लियु लिन के साथ वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर सैनिको के गश्त को रोकने को लेकर बात करेंगे.