मानवता हर धर्म से ऊपर: रोजा तोड़ कर जवान ने ब्लड डोनेट कर प्रेग्नेंट महिला की बचाई जान

इंसानियत सबसे बड़ा धर्म होता है इस बात को सिद्ध कर दिया है जयपुर के रहने वाले एक रोजाधारी शख्स ने। इसने एक प्रेग्नेंट महिला की जान बचाने के लिए अपना रोजा तोड़ दिया और उसे अपना खून दान किया। मामला राजस्थान के नागौर जिले की है। अशरफ खान ने ने जब एक प्रेग्नेंट महिला को देखा जिसे इमरजेंसी में खून की जरूरत थी ऐसे में उसने अपना रोजा तोड़ कर उसे ब्लड डोनेट करने की ठान ली।

इंडियन आर्मी के जवान अशरफ बताते हैं कि उन्हें सोशल मीडिया पर अर्जेंट ब्लड की जरूरत की जानकारी मिली जिसके बाद उसने ब्लड डोनेट करने का मन बनाया। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक सावित्री देवी नामक महिला को अर्जेंटली खून की जरूरत थी। वह चुरु जिले में एक सरकारी अस्पताल में भर्ती थी।

अशरफ ने बताया कि मैंने सोशल मीडिया पर देखा कि एक शख्स अपनी साली के लिए ब्लड डोनेशन के लिए अनुरोध किया था। इसके बाद मैंने तत्काल उस व्यक्ति से संपर्क किया और बताया कि मैं शाम में आकर ब्लड डोनेट करुंगा।

लेकिन उन लोगों ने कहा कि उन्हें तत्काल खून की जरूरत है क्योंकि डॉक्टरों ने उसकी जान का खतरा बताया है। इसपर अशरफ ने अपना रोजा तोड़ कर दिन में ही जाकर उसे ब्लड डोनेट किया और इंसानियत की नई मिसाल पेश की।

बता दें कि कुछ ऐसा ही मामला पिछले दिनों असम से सामने आया था। 26 वर्षीय पानुल्ला अहमद ने एक हिंदू धर्म के व्यक्ति को रक्त दान करने के लिए अपना रोजा तोड़ दिया। उस मुस्लिम व्यक्ति ने साबित कर दिया कि धर्म से पहले उसके लिए मानवता है। पानुल्ला अहमद मंगलदोई जिले का रहने वाला है।