जया प्रदा को कौन नहीं जानता है। उनके कई परिचय है मसलव वो एक अदाकारा हैं, समाजसेवी हैं और सियासतदां हैं। अलग अलग राजनीतिक दलों के सफर को तय करते हुए बीजेपी अब उनका ठिकाना बन चुका है। कुछ दिनों पहले ही वो बीजेपी में शामिल हुईं और उन्हें रामपुर से चुनाव लड़ने का इनाम मिला। बीजेपी में शामिल होने पर उनकी प्रतिक्रिया भी दिलचस्प थी उन्होंने कहा कि आज तक वो क्षेत्रीय दलों का हिस्सा रहीं। लेकिन वो अपने मकसद को जमीं पर उतारने में कामयाब नहीं हुईं। इस तरह की परिस्थितियों में राष्ट्रीय दल उनके लिए बेहतर विकल्प था। इन सबके बीच हम बात करेंगे उस नजारे की जिसमें वो जनसभा को संबोधित करते हुए रो पड़ीं।उनका दर्द उनके बयानों में साफ झलक रहा था।
रामपुर में अपनी चिर प्रतिद्वंदी आजम खान के खिलाफ वो अपनी किस्मत आजमां रही हैं। उन्होंने आजम खान पर निशाना साधा और उस दर्द को साझा किया जिसकी वजह से उन्हें रामपुर छोड़ना पड़ा।रामपुर में किसी फिल्म का सेट नहीं सजा था। जनता वास्तविक थी और उस भीड़ को संबोधित कर रहीं मोहतरमा भी किसी फिल्म की स्क्रिप्ट नहीं पढ़ रही थीं। जया प्रदा ने कहा कि वो रामपुर नहीं छोड़ना चाहती थीं। लेकिन रामपुर इसलिए छोड़ गईं क्योंकि उस वक्त उनके ऊपर तेजाब से अटैक करने के लिए सोचा गया था, उन पर हमला किया गया था।
#WATCH: BJP candidate for #LokSabhaElections2019 from Rampur, Jaya Prada, breaks down while addressing a public rally; says, "Mai Rampur nahi chhodna chahti thi…Mai Rampur isliye chhod gayi, kyonki mujhe us din tezab se attack karne ke liye socha tha, mere upar hamla kiya tha" pic.twitter.com/HaWRRlHjq1
— ANI UP/Uttarakhand (@ANINewsUP) April 3, 2019
रामपुर में जिस वक्त का जया प्रदा अपने दर्द का इजहार कर रहीं थीं उस वक्त उन्हें जनता का साथ मिला। उस जनसभा में भारत माता और जयाप्रदा जिंदाबाद के नारे लग रहे थे। जया प्रदा कुछ देर के लिए रुकीं अपने आप को सहज किया, किसी ने उन्हें पीने के लिए पानी दियां हालांकि उन्होंने पानी नहीं पिया। एक बार वो पूरी रौ में थीं और ये बताया कि रामपुर की जमीं पर रहकर वो यहां के लोगों का सेवा करेंगी। इस सरजमीं को छोड़ने के लिए जो शख्स जिम्मेदार था आज वो एक बार फिर मैदान में है। इस दफा वो उस शख्स से मुकाबला करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।