साइकिल पर 8,500 KM से ज्यादा सफर तय करेंगे नरेश कुमार, जानिए क्या है वजह

आपने लोगों को साइकिल पर सवारी करते तो खूब देखा होगा। कभी बच्चों को स्कूल जाते तो कभी नेताओं को चुनाव प्रचार या फिर कभी पेट्रोल के बढ़े दामों का विरोध करने के लिए साइकिल पर सवार होते देखा होगा और किसी मुहिम के तहत लोगों को जागरूक करने के कई तरीके भी देखे होगें। लेकिन क्या आपने कभी लोगों को जागरुक करने के लिए किसी को साइकिल की यात्रा करते देखा है? सुनने में थोड़ा आश्चर्य तो जरूर लग रहा होगा लेकिन यकीन मानिए ऐसा हुआ है।

चेन्नई के नरेश कुमार ने कुछ ऐसा ही कारानामा कर दिखाया है। नरेश ने साइकिल यात्रा करते हुए चेन्नई से जर्मनी तक का सफर पूरा करने की ठानी है। 35 वर्षीय नरेश अपनी आठ हजार पांच सौ किलो मीटर की यात्रा का नाम ‘फ्रीडम सीट’ रखा है। एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक नरेश के इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य मानव तस्करी, बाल शोषण को रोकना है और इसके लिए पैसे जुटाना है।

रिपोर्ट के मुताबिक नरेश अपनी आठ हजार पांच सौ किलोमीटर से ज्यादा की यात्रा कुल 90 दिनों में पूरा करेंगे। इस साइकिल यात्रा के दौरान वह चेन्नई से जर्मनी तक लोगों को मानव तस्करी और बाल शोषण को रोकने के बारे में जागरुक करेगें साथ ही वह इससे पीड़ित लोगों के लिए चैरिटी के जरिए मदद जुटाने की कोशिश भी करेंगे।

नरेश ने कहा कि वह मानव गुलामी को पूरी तरह से खत्म करना चाहते हैं और अपनी इस यात्रा के लिए पूरी तरह से आत्मनिर्भर हैं।उन्होंने कहा कि वह 12 विभिन्न देशों से होते हुए मध्य-पूर्व और यूरोप की सीमा तक जाएंगे। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि वह इस तरह के मिशन न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में भी चला चुके हैं।

बता दें कि नरेश बहुत ही कम कपड़ों और सामान के साथ यात्रा कर रहे हैं। वह अपनी 90 दिनों की यात्रा के दौरान प्रतिदिन 120 किलोमीटर तक का सफर करेंगे। उनके बैग में सिर्फ कपड़े, टूल किट, स्पेयर ट्यूब, एक स्लीपिंग बैग और फोल्डेबल टैंट है।