जम्मू-श्रीनगर हाईवे को बंद करने के मुद्दे पर भड़के उमर अब्दुल्ला, बोले-केंद्र का फैसला बकवास

जम्मू- श्रीनगर नेशनल हाइवे को हफ्ते में दो दिन बंद किए जाने पर एनसी नेता उमर अब्दुल्ला ने आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि सरकार से वो बैन हटाने का अनुरोध करते हैं। उन्होंने सरकार के फैसले को अव्यवहारिक करार दिया। सेना पहले ही इस विषय पर अपना बयान जारी कर चुकी है। एक्स ऑर्मी चीफ मलिक भी कह चुके हैं कि यह एक मूर्खतापूर्ण फैसला है।

उमर अब्दुल्ला ने कहा कि केंद्र सरकार का फैसला जनविरोधी है। एक तरफ मोदी सरकार इंसानियत और कश्मीरियत की बात करती है। लेकिन दूसरी तरफ इस तरह के फैसले ले रही है जिससे पता चलता है कि उन्हें जम्मू-कश्मीर की आवाम से लेना देना नहीं है। उन्होंने ये भी कहा कि सरकार के इस तरह के फैसले से आम कश्मीरियों के कारोबार पर असर पड़ता है। लेकिन गृह मंत्रालय ने उमर के आरोपों के बारे में कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर उमर को इस तरह की बात नहीं करनी चाहिए

इसके साथ ही अलगाववादी नेता यासीन मलिक की एनआईए द्वारा गिरफ्तारी पर फारुक अब्दुल्ला ने ऐतराज जताया। वो कहते हैं कि ये अफसोस की बात है। इससे कोई चीज हासिल नहीं होगी। जितना ज्यादा इन लोगों पर जुल्म करेंगे आग उतनी और भड़केगी। आप की राय इनकी राय से जुदा हो सकती है। लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि जो आपकी सोच से इत्तेफाक न रखे उसे आप बंद कर देंगे। ये हिंदुस्तान की सोच नहीं है।

बता दें कि चुनावी मौसम में चाहे पीडीपी हो या नेशनल कॉन्फ्रेंस इन दोनों दलों के नेता जहरीले बोल से परहेज नहीं कर रहे हैं। पीडीपी की मुखिया महबूबा मुफ्ती ने कहा कि अगर धारा 370 से छेड़छाड़ की गई तो कश्मीर भारत से अलग हो जाएगा। इसके साथ ही फारुक अब्दुल्ला ने कहा कि 35 ए पर जिस तरह से खबरें आ रही हैंं उससे तो एक बात साफ है कि केंद्र सरकार का नजरिया क्या है।