
नई दिल्ली: सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा कर्नाटक के राजीव गांधी स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के 25 साल पूरे होने पर रजत जयंती समारोह का उद्धाटन किया गया। देशभर में कोरोना वायरस (COVID-19) के चलते जारी लॉकडाउन के कारण इस कायर्क्रम का आयोजन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से किया गया।
इस अवसर पर पीएम मोदी ने कहा कि “मैं स्पष्ट रूप से बताना चाहता हूं कि कोविड-19 की लड़ाई में प्रथम पंक्ति में खड़े चिकित्सा समुदाय और हमारे कोरोना योद्धाओं के खिलाफ दुर्व्यवहार और हिंसा स्वीकार्य नहीं है। कोविड-19 के खिलाफ भारत की इस लड़ाई के पीछे डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों की कड़ी मेहनत है।” उन्होंने कहां लॉकडाउन के दौरान देश के अन्य हिस्सों से ऐसी तस्वीरें सामने आईं थीं जिसमें कई जगह डॉक्टर्स और मेडिकल टीम को हिंसा का सामना करना पड़ा। हालांकि केंद्र सरकार इसके खिलाफ कड़ा कानून लेकर सामने आई है।
पीएम मोदी ने कहा कि”अगर यह वैश्विक महामारी नहीं होती तो मुझे इस मौके पर बेंगलुरु में आप सभी के साथ रहना ज़्यादा पसंद होता।” उन्होंने ने कहा,”25 साल का मतलब है यह विश्वविद्यालय अपने युवावस्था में है। यह उम्र और भी बड़ा सोचने और बेहतर करने की है। मुझे विश्वास है कि विश्वविद्यालय आने वाले समय में उत्कृष्टता की नई ऊंचाइयों को छूता रहेगा।”
पीएम ने आगे कहा, ”आयुष्मान भारत- विश्व की सबसे बड़ी स्वास्थ्य सेवा योजना भारत की है। 2 वर्षों से भी कम समय में इस योजना से 1 करोड़ लोगों को लाभ हुआ हैं। महिलाओं और गांवों में रहने वाले लोग इस योजना के प्रमुख लाभार्थियों में शामिल हैं। देश के हर जिले में एक मेडिकल कॉलेज या स्नातकोत्तर चिकित्सा संस्थान सुनिश्चित करने के लिए काम चल रहा है। देश ने 22 और AIIMS की स्थापना में तेजी से प्रगति की है। पिछले पांच वर्षों में हम MBBS में 30,000 से अधिक और स्नातकोत्तर में 15,000 सीटों को जोड़ने में सक्षम हुए हैं।
इसके साथ ही पीएम मोदी ने कहा, ”मैं भारत के राष्ट्रीय पोषण मिशन की सफलता पर प्रकाश डालना चाहूंगा, जो युवाओं और उनकी माताओं की मदद कर रहा है। यह मिशन भारत 2025 तक टीबी को खत्म करने के लिए दिन-रात काम कर रहा है। यह 2030 के वैश्विक लक्ष्य से पांच साल पहले है।”