प्रवासी मजदूरों को लेकर SC का फैसला, केंद्र और राज्य सरकारों को 15 दिनों की मोहलत

प्रवासी मजदूरों को लेकर SC का फैसला, केंद्र और राज्य सरकारों को 15 दिनों कि मोहलत
प्रवासी मजदूरों को लेकर SC का फैसला, केंद्र और राज्य सरकारों को 15 दिनों कि मोहलत

नई दिल्ली : प्रवासी मजदूरों के मामले से जुड़ी याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को सुनवाई करते हुए बड़ा फैसला लिया है. सुनवाई के दौरान उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों के पास सभी प्रवासी मजदूरों को घर पहुंचाने के लिए 15 दिन का समय है.

कोर्ट ने निर्देश दिए है कि सभी राज्य की सरकारे अपने यहां प्रवासियों का रजिस्ट्रेशन कराएं और साथ ही साथ यह भी सनुश्चिनत करें कि प्रवासी मजदूरों के लिए रोजगर सहित दूसरे प्रकार की राहत उन्हें मुहैया कराइ जाए.

सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि “अभी तक करीब 1 करोड़ मजदूरों को घर पहुंचाया गया है. सड़क मार्ग से 41 लाख और ट्रेन से 57 लाख प्रवासियों को घर पहुंचाया गया है जिनमें अधिकतर ट्रेनें यूपी या बिहार के लिए चलाई गई हैं.”

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि “हम 15 दिन का वक्त देते हैं, ताकि राज्यों को प्रवासी श्रमिकों के परिवहन को पूरा करने की अनुमति दी जा सके.” सुनवाई के दौरान वरिष्ठ वकील कॉलिन गोंसाल्वेस ने कहा कि “रजिस्ट्रेशन सिस्टम काम नहीं कर रहा है, जो एक बड़ी समस्या है.” इस पर कोर्ट ने कहा कि “आप कह रहे हैं कि इस प्रणाली के काम करने के तरीके में कोई समस्या है? इसका उपाय क्या है?”

कॉलिन गोंसाल्वेस ने कहा कि “पुलिस स्टेशन या अन्य स्थानों पर स्पॉट हो सकते हैं, जहां प्रवासी जा सकते हैं और पंजीकरण फॉर्म भर सकते हैं.” वहीं, वकील इंदिरा जयसिंह ने कहा कि “समस्या यह है कि इन प्रवासियों को किसी भी अन्य यात्रियों की तरह माना जा रहा है जो ट्रेन में यात्रा करना चाहते हैं.”

गुजरात सरकार की ओर से पेश वकील ने कहा कि “इस मामले में अब और विस्तृत जांच की आवश्यकता नहीं है. 22 लाख में से 2.5 लाख बाकी हैं. 20.5 लाख वापस भेजे गए हैं.”