पश्चिम बंगाल के पश्चिम बर्धमान जिले में स्थित चितरंजन रेल कारखाने में रेल इंजनों के निर्माण का काम होता है। कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई में इस कारखाने में स्वचालित मेडिकल ट्रॉली का निर्माण किया गया, जो अस्पतालों में बिना मानवीय संपर्क के रोगियों तक पहुंच सकती है इस ट्रॉली में रिमोट कंट्रोल के जरिये रोगियों तक दवाईयां और अन्य जरूरी वस्तुएं पहुंचाई जा सकती है। वहीँ, उत्तर प्रदेश में वाराणसी के डीजल रेल इंजन कारखाने ने भी रिमोट संचालित मशीन ईजाद की है जो कोरोना संक्रमित मरीजों के बिस्तरों तक दवा,पानी,भोजन, चादर एवं इलाज संबंधी अन्य जरुरी चीजें पहुंचाने के साथ ही डॉक्टरों एवं स्वास्थ्य कर्मियों की सेहद की सुरक्षा के साथ महामारी से जंग लड़ने में बेहद कारगर साबित हो सकती है।
पेट दर्द से तड़प रहे वृद्ध को बिना उपचार किए जिला चिकित्सालय में भगाया
एटा। देश में कोरोना वायरस महामारी के चलते एटा जनपद के ग्राम पिपहरा से जिला चिकित्सालय में पेट…