PM Modi Karni Mata Temple Visit PM Modi Karni Mata Temple Visit

PM Modi Karni Mata Temple Visit: पीएम मोदी ने किए करणी माता मंदिर के दर्शन

बीकानेर (राजस्थान), 22 मई 2025 — प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज राजस्थान के प्रसिद्ध करणी माता मंदिर (देशनोक, बीकानेर) में दर्शन किए। यह मंदिर न केवल अपनी धार्मिक मान्यता के लिए, बल्कि यहां निवास करने वाले हज़ारों चूहों और उनकी पूजा-पद्धति के लिए भी पूरी दुनिया में विख्यात है।

प्रधानमंत्री का यह दौरा राजस्थान यात्रा के दौरान एक महत्वपूर्ण धार्मिक पड़ाव था। मंदिर में प्रधानमंत्री मोदी ने पारंपरिक विधि से आरती और पूजन किया। इस दौरान मंदिर के पुजारियों और स्थानीय संतों ने उन्हें मंदिर के इतिहास और चूहों की विशेष भूमिका के बारे में जानकारी दी।

करणी माता मंदिर: जहां चूहे होते हैं आरती में शामिल

राजस्थान के बीकानेर ज़िले में स्थित करणी माता मंदिर को ‘चूहों का मंदिर’ भी कहा जाता है। मान्यता है कि यहां निवास करने वाले ये करीब 25,000 चूहे (स्थानीय रूप से ‘काबा’) किसी श्राप का नहीं, बल्कि आशीर्वाद का प्रतीक हैं।
इनमें से किसी भी चूहे को नुकसान पहुंचाना पाप माना जाता है, और यदि कोई सफेद चूहा दिख जाए तो उसे शुभ संकेत माना जाता है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब गर्भगृह में पहुंचे, तो वहां चल रही आरती में चूहों की उपस्थिति ने सभी का ध्यान खींचा। पीएम मोदी ने स्वयं चूहों को देखा और इस अद्भुत परंपरा के प्रति सम्मान व्यक्त किया।

सुरक्षा और श्रद्धालुओं की भारी भीड़

पीएम की यात्रा को लेकर मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। इसके बावजूद, मंदिर में दर्शन करने आए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। कई लोगों ने पीएम को इतने नज़दीक से दर्शन करते हुए देखा और मोबाइल कैमरों में रिकॉर्ड भी किया।

 पीएम मोदी ने क्या कहा?

मंदिर दर्शन के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने कहा:

“करणी माता मंदिर नारी शक्ति, श्रद्धा और भारतीय परंपरा का अद्भुत संगम है। यहां की संस्कृति और चूहों के प्रति सम्मान भाव, भारत की सहिष्णुता और समर्पण का प्रतीक है।”

उन्होंने यह भी संकेत दिया कि सरकार धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए करणी माता मंदिर को एक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की दिशा में काम करेगी।

 करणी माता और उनका इतिहास

करणी माता को मां दुर्गा का अवतार माना जाता है। कहा जाता है कि उन्होंने चूहों को शाप से नहीं, बल्कि अपने आशीर्वाद से जीवन दिया, और उनके अनुयायी चूहों के रूप में पुनर्जन्म लेते हैं। इस मंदिर का निर्माण 15वीं शताब्दी में हुआ था और आज भी यहां दिन-रात पूजा होती है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की करणी माता मंदिर यात्रा न केवल धार्मिक भावनाओं से जुड़ी है, बल्कि यह भारत की लोक परंपराओं, आध्यात्मिक विविधता और सांस्कृतिक विरासत को सम्मान देने की दिशा में एक मजबूत संदेश भी है। साथ ही, यह यात्रा आने वाले समय में राजस्थान में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने का एक बड़ा संकेत भी बन सकती है।