एजबेस्टन (बर्मिंघम) | इंग्लैंड ने भारत के खिलाफ चल रही पाँच मैचों की श्रृंखला का दूसरा टेस्ट (2–6 जुलाई) उसी टीम के साथ खेलने का फैसला किया है, जिसने हेडिंग्ले में 371 रनों का रिकॉर्ड लक्ष्य हासिल कर 1‑0 की बढ़त बनाई थी। इंग्लैंड ऐंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) ने सोमवार देर शाम अपनी प्लेइंग‑XI की पुष्टि करते हुए बताया कि जोफ्रा आर्चर इस मुकाबले में भी हिस्सा नहीं ले पाएंगे। तेज़ गेंदबाज़ सोमवार की ट्रेनिंग सत्र में शामिल नहीं हुए; बोर्ड ने पारिवारिक आपात‑स्थिति को इसका कारण बताया और कहा कि वे मंगलवार को टीम से फिर जुड़ेंगे।
इंग्लैंड की प्लेइंग XI
ज़ैक क्रॉली, बेन डकेट, ओली पोप, जो रूट, हैरी ब्रूक, बेन स्टोक्स (कप्तान), जेमी स्मिथ (विकेटकीपर), क्रिस वोक्स, ब्राइडन कार्स, जोश टंग, शोएब बशीर ।
दूसरे टेस्ट के लिए unchanged XI बरकरार रखने का मतलब है कि इंग्लैंड बाज़बॉल शैली को जारी रखना चाहता है, जिसने पहली पारी में 212 रन पर सिमटी भारतीय टीम को आख़िरी दिन 5 विकेट से मात देने में अहम भूमिका निभाई थी। ब्राइडन कार्स व शोएब बशीर की कम अनुभवी लेकिन आक्रमणकारी जोड़ी ने हेडिंग्ले में निर्णायक क्षणों पर विकेट निकालकर इंग्लैंड की जीत सुनिश्चित की और कप्तान स्टोक्स ने यह विश्वास जताया कि उन्हें एजबेस्टन की बलखाती पिच पर भी वही धार मिलेगी।
आर्चर के न खेलने से इंग्लैंड के पेस‑अटैक का संतुलन हालांकि वही रहेगा—क्रिस वोक्स (घरेलू मैदान पर), जोश टंग और कार्स की तिकड़ी ने पहली टेस्ट में कुल 14 विकेट चटकाए थे। 29‑वर्षीय आर्चर ने 2021 के बाद से कोई टेस्ट नहीं खेला है; उनकी वापसी दर्शकों में रोमांच जगा रही थी, पर फैमिली इश्यू ने इसे फिलहाल टाल दिया।
सीरीज़ पर नज़र
भारत अब 1‑0 से पीछे है और एजबेस्टन में जीत के बिना श्रृंखला में बने रहना मुश्किल होगा। भारतीय कप्तान शुभमन गिल (कार्यवाहक) अपनी गेंदबाज़ी में धार की कमी और फील्डिंग में चूकी कैचों को सुधारने की बात कह चुके हैं। टीम‑इंडिया की अंतिम एकादश की घोषणा अभी शेष है, लेकिन पूर्व क्रिकेटरों ने कुलदीप यादव को शामिल करने और अतिरिक्त ऑल‑राउंड विकल्प तलाशने की सलाह दी है।
एजबेस्टन का रिकॉर्ड
एजबेस्टन का मौसम मैच के पहले तीन दिन बादलों से घिरा रह सकता है, जिससे स्विंग गेंदबाज़ों को मदद मिलने की उम्मीद है। इंग्लैंड ने यहाँ पिछली छह टेस्टों में चार जीते हैं, जबकि भारत का पिछला दौरा (2022 पुनर्निर्धारित टेस्ट) यादगार 7 विकेट की हार में बदल गया था।
इंग्लैंड कीअपरिवर्तित Team आत्म‑विश्वास का पैग़ाम देता है और यह निर्णय दर्शाता है कि कप्तान स्टोक्स को मौजूदा संयोजन में कोई कमी नहीं दिखती। दूसरी ओर, भारतीय टीम को न केवल बैटिंग में निरंतरता बल्कि गेंदबाज़ी‑फील्डिंग में नई धार लानी होगी, वरना पाँच टेस्ट की यह अहम श्रृंखला जल्दी ही उनके हाथ से फिसल सकती है। आठ साल बाद एजबेस्टन एक बार फिर भारत‑इंग्लैंड प्रतिद्वंद्विता का बड़ा रंगमंच बनने को तैयार है।