बर्मिंघम में एजबेस्टन के ऐतिहासिक मैदान पर हुए दूसरे टेस्ट के पहले दिन, इंग्लैंड ने टॉस जीतकर गेंदबाज़ी का फैसला किया इससे संकेत मिलते हैं कि वे सीरीज में बढ़त बनाए रखने की रणनीति पर हैं। कप्तान बेन स्टोक्स ने कहा कि शुरुआती ओवरों में मौसमी परिस्थितियाँ तेज गेंदबाज़ों को मदद कर सकती हैं। इंग्लैंड ने वही टीम उतारी जो हेडिंग्ले टेस्ट में रिकॉर्ड 371 रनों का लक्ष्य पकड़ी और भारत को हार का सामना करना पड़ा ।
भारत ने टीम में तीन बदलाव किए, जिन्हें फील्डिंग व्यवस्थापक और कार्यशील बोझ को देखते हुए किया गया। जसप्रीत बुमराह को workload प्रबंधन के तहत आराम दिया गया है और उनकी जगह तेज़ गेंदबाज़ अक्षदीप सिंह को शामिल किया गया है, जबकि मिडिल ऑर्डर को मजबूती देने की दिशा में नितीश कुमार रेड्डी और अतिरिक्त स्पिन विकल्प के लिए ऑल-राउंडर वाशिंगटन सुंदर को मौका दिया गया है । बुमराह शारीरिक रूप से फिट हैं, लेकिन टीम प्रबंधन चाह रही है कि वे तीसरे टेस्ट के लिए लॉर्ड्स में पूरी तरह से फ्रेश रहें ।
भारतीय बैटिंग ऑर्डर में करुण नायर ने अभी जगह बनाई है, लेकिन मूल टॉप-5 को बरकरार रखा गया है जिसमें शुभमन गिल कप्तान की भूमिका में हैं, केएल राहुल, यशस्वी जायसवाल और ऋषभ पंत प्रमुख बल्लेबाज़ शामिल हैं । भारत की रणनीति है—दूसरे टेस्ट में स्थिरता लाना और श्रृंखला में वापसी करना।

एजबेस्टन टेस्ट का यह पहला दिन खास रहा, क्योंकि मैदान पर दर्शकों की भीड़ उमड़ पड़ी थी। मौसम थोड़ी सुधार की ओर है, लेकिन दूसरी और तीसरी पारी में स्पिनरों और मध्यम गति के गेंदबाज़ों के लिए गेंद रुखापन ले सकती है। वहीं, भारत की नयी शुरुआत का तालमेल और इंग्लैंड की फील्डिंग योजना पहली गेंद से ही निगाहों में रहेगा।
यह मुकाबला सीरीज का निर्णायक मोड़ साबित हो सकता है जहाँ भारत को सशक्त बल्लेबाज़ी का संतुलन, इंग्लैंड को तेज़ गेंदबाज़ी से दबाव बनाना होगा। दूसरे टेस्ट के पहले दिन का प्रत्यक्ष परिणाम देखने को अभी बाकी है, लेकिन इस डे-नाइट टेस्ट में रणनीतिक बदलाव ने गेम की दिशा पहले ही नया मोड़ दे दिया है।