ढाका (मीरपुर ) — बांग्लादेश और आयरलैंड के बीच मिर्पुर के शेर-ए-बांग्ला नेशनल स्टेडियम में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट के तीसरे दिन भूकंप के झटके महसूस होने के कारण खेल लगभग तीन-चार मिनट के लिए रोकना पड़ा।
भूकंप की तीव्रता और प्रतिक्रियाएँ
स्थानीय समयानुसार सुबह लगभग 10:38 बजे, रिक्टर स्केल पर 5.7 की तीव्रता वाला भूकंप आया, जिससे ढाका और उसके आसपास के इलाकों में झटके महसूस किए गए।
जैसे ही झटके शुरू हुए, खिलाड़ी क्षेत्र से हटकर बाउंड्री रेखा की ओर भागे, और दर्शक भी डर के मारे हिल गए। कमेंटेटर-बॉक्स में मौजूद वॉइस-कॉमेंटेटर और पत्रकारों ने भी कंपन महसूस किया, जिससे वहां हलचल मच गई।
बांग्लादेश और आयरलैंड के बीच दूसरे टेस्ट के तीसरे दिन शेर-ए-बांग्ला स्टेडियम में खेल कुछ देर के लिए रुक गया, जब रिक्टर स्केल पर 5.7 की तीव्रता का भूकंप आया और ढाका और बांग्लादेश की राजधानी के आस-पास के इलाके हिल गए।
यह घटना आयरलैंड की पहली पारी के 56वें ओवर की दूसरी गेंद पर हुई। इससे लगभग तीन से चार मिनट के लिए खेल तुरंत रुक गया क्योंकि खिलाड़ी बाउंड्री लाइन की ओर भागे, जबकि स्टेडियम में दर्शकों के चेहरे पर घबराहट साफ दिख रही थी।
सुरक्षा और पुनरारंभ
बांग्लादेश और आयरलैंड के बीच दूसरे टेस्ट के तीसरे दिन शेर-ए-बांग्ला स्टेडियम में खेल कुछ देर के लिए रुक गया, जब रिक्टर स्केल पर 5.7 की तीव्रता का भूकंप आया और ढाका और बांग्लादेश की राजधानी के आस-पास के इलाके हिल गए।
खेल तुरंत रोका गया, और खिलाड़ी, दर्शक और स्टाफ सभी सुरक्षित स्थानों की ओर शांति से गए। लगभग तीन मिनट बाद, जांच और निरीक्षण के बाद खेल फिर से शुरू कर दिया गया।
यह घटना आयरलैंड की पहली पारी के 56वें ओवर की दूसरी गेंद पर हुई। इससे लगभग तीन से चार मिनट के लिए खेल तुरंत रुक गया क्योंकि खिलाड़ी बाउंड्री लाइन की ओर भागे, जबकि स्टेडियम में दर्शकों के चेहरे पर घबराहट साफ दिख रही थी।
भूकंप के बाद कोई बड़ी दुर्घटना या चोट की रिपोर्ट नहीं आई है, लेकिन यह घटना दर्शाती है कि क्रिकेट जैसी खेल-प्रतिस्पर्धा भी कभी-कभी प्राकृतिक शक्तियों के सामने टिक नहीं पाती।
बल्लेबाज़ी की स्थिति
जब खेल रुका, आयरलैंड की पारी थी। उस समय आयरलैंड ने पहली पारी में 233/7 रन बनाए थे और वे बांग्लादेश के 476 रन के आंकड़े से 243 रन पीछे थे।
भूकंप की पृष्ठभूमि
भूकंप का महत्त्व इसके भौगोलिक संदर्भ में भी बढ़ जाता है – इसके केंद्र (एपिसेंटर) को नारसिंगडी (Narsingdi) के पास करीब 13 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिण-पश्चिम में माना जा रहा है। भूकंप की तीव्रता और गहराई ने बता दिया कि यह सिर्फ एक हल्का कंपना नहीं था, बल्कि एक जान-पहचान वाली भूकंपीय घटना थी।
मीरपुर टेस्ट में आए इस भूकंप ने न सिर्फ खिलाड़ियों और दर्शकों के दिलों की धड़कन बढ़ा दी, बल्कि यह याद दिलाया कि प्रकृति के आगे मानवीय आयोजन भी कभी-कभी कमजोर पड़ जाते हैं। खेल फिर पुनः शुरू हुआ, लेकिन यह घटना टेस्ट मैच इतिहास में एक दुर्लभ और यादगार मोड़ के रूप में दर्ज हो जाएगी।