प्रवासी मजदूरों के लिए सरकार बन रही मसीहा, बड़ी योजना की तैयारी में

 

_India_Migrant_Workers_
सरकार मजदूरों के लिए बड़ी योजना की तैयारी में

लखनऊ : कोरोना के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए पिछले कई दिनों से लॉक डाउन जारी था। हालांकि, केंद्र सरकार द्वारा अनलॉक 1 के तहत कई गतिविधियों पर छूट मिल गई हैं। इसी के मद्देनज़र सोमवार से धार्मिक स्थल, मॉल्स, रेस्टोरेंट जैसी गतिविधियां भी शुरू हो गई हैं। मगर अंतर्राष्ट्रीय विमानों और मेट्रो जैसी सुविधाएं अभी बंद है। वहीं  इस लॉक डाउन की वजह से सबसे ज्यादा परेशान मज़दूर तब्क़ा हुआ है। ना रोजी का थिकना ना रोटी का । ऐसे में मजदूरों का पलायन जारी है । अपने- अपने घरों तक जाने की होड़ में मज़दूर साइकिल हो या पैदल चलते जा रहे हैं।

इस पलायन के बीच मजदूरों को लेकर कई दिल दहला देने वाली ख़बरें भी सामने आई हैं। हालांकि, सरकार भी हर संभव प्रयास में लगी है जिससे मजदूरों को उनके घर बस या श्रमिक स्पेशल ट्रेन के जरिये पहुंचाया जाये। इसी कड़ी में सरकार इन मजदूरों की मदद के लिए कई योजनायों को शुरू करने की  तैयारी में है।

पीएमओ ने मंत्रालयों से दो हफ़्तों के अंदर मांगे प्रस्ताव :

पीएमओ ने सभी मंत्रालयों से दो हफ़्तों के भीतर प्रस्ताव मांगे हैं। देश भर के ऐसे 116 जिलों की पहचान की हैं जहां सबसे अधिक मज़दूर वापस आए हैं। 6 राज्यों जिसमे बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, झारखंड, ओड़िसा और राजस्थान शामिल हैं। केंद्र सरकार की तरफ से चयनित 116 जिलों में सबसे ज्यादा 32 जिले बिहार के हैं । उसके बाद उत्तर प्रदेश के 31 जिले, मध्यप्रदेश के 24, राजस्थान के 22 जिले, झारखंड के 3 और ओड़िसा के 4 जिले हैं। इन जिलों के प्रवासी मजदूर लॉकडाउन के कारण रोजगार गंवा चुके हैं।

डायरेक्ट बेनिफिट स्कीम में तेजी :

दरअसल, सरकार की इस योजना के तहत कोरोना से जारी लॉकडाउन के दौरान अपने राज्यों और गांवों को लौटे मजदूरों के पुनर्वास और रोजगार के लिए इन 116 जिलों में केंद्र सरकार की सामाजिक कल्याण और डायरेक्ट बेनिफिट स्कीमों को तेजी से चलाया जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि घर लौटे मजदूरों के लिए आजीविका, रोजगार और गरीब कल्याण सुविधाओं का लाभ पहुंचाया जा सके। इन जिलों में मनरेगा,जनधन योजना, किसान कल्याण योजना, खाद्य सुरक्षा योजना, पीएम आवास योजना, कौशल विकास समेत अन्य केंद्रीय योजनाओं के तहत काम में तेजी होगी। इसके साथ ही हाल ही में घोषित आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत भी इन जिलों पर ध्यान केंद्रित करने के साथ ही बाकी केंद्रीय योजनाओं को भी टारगेटेड तरीके से लागू किया जाएगा।

बिहार के आठ जिलों में वापस आये मज़दूर :

वही आपको बता दे की, सभी जिलों में वापस आए मजदूरों का डाटा सरकार ने तैयार कर लिया है। हर जिले में कितने मज़दूर वापस आए हैं सरकार ने इसकी जानकारी भी इकठ्ठा कर ली है। गौरतलब है की यूपी के सिद्धार्थनगर और बिहार के पूर्वी चंपारण में लगभग डेढ़ लाख से भी ज्यादा मज़दूर वापस आए हैं। बिहार के आठ जिलों में एक लाख से भी अधिक श्रमिक वापस आए हैं। अन्य प्रदेशों की बात करे तो उत्तर प्रदेश के दो, मध्य प्रदेश और ओड़िसा के एक-एक, राजस्थान के तीन जिलों में एक लाख से अधिक मज़दूर वापस आए हैं।