जानिए अयोध्या में राम मंदिर निर्माण की प्लानिंग, कब और कैसे होगा निर्माण

अयोध्या: दशकों से अयोध्या में राम जन्मभूमि परिसर में भव्य राम मंदिर बनने की आस लगाए भक्तो के लिए ख़ुशख़बरी। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अब भव्य राम मंदिर निर्माण का कार्य शुरू कर दिया गया है। यह कार्य कई चरणों में बाटी गई है। राम मंदिर निर्माण के लिए किस चरण में कितना काम पूरा होगा इसकी योजना भी तैयार कर ली गई है। जिसमे तहत मंदिर निर्माण का पूरा खाका तैयार किया गया है। हालांकि लॉक डाउन के वजह से मंदिर निर्माण का काम रोक दिया गया था। लेकिन अब मंदिर निर्माण के कामो में तेजी आएगी और मंदिर का काम समय पर पूरा किया जायेगा । अब सवाल ये उठता है की कैसे एक चरणबद्ध ढंग से खींचे गए ख़ाका के तहत राम मंदिर निर्माण की पूरी प्लानिंग की गई है ? साथ ही यह भी बताते हैं कि आखिर राम मंदिर निर्माण की शुरुआत कब और कैसे होगी?

जमीन का समतलीकरण :

गौरतलब है की अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के पहले चरण का कार्य शुरू कर दिया गया है। वही 20 अप्रैल से ही राम जन्मभूमि परिसर के 70 एकड़ भूमि का समतलीकरण किया जा रहा है। समतलीकरण के साथ-साथ उग आये झाड़ झंखाड़ और पेड़-पौधों की कटाई और छंटाई का काम भी जारी है। इसी के साथ राम मंदिर दर्शन मार्ग पर राम जन्मभूमि परिसर में बनी बैरिकेडिंग को पूरी तरह हटा दिया गया है। जिससे भूमि के समतलीकरण का कार्य समुचित ढंग से किया जा सके।

मिट्टी टेस्टिंग का कार्य :

जन्मभूमि परिसर में भूमि के परीक्षण की बात करे तो राम मंदिर निर्माण के लिए अधिकृत कम्पनी L&T का 5 सदस्यीय इंजीनियरों का दल राम जन्मभूमि परिसर में भूमि के परीक्षण का कार्य कर रहा है। L&T की टीम के तहत जमीन की मौजूद मिट्टी की टेस्टिंग का कार्य चल रहा है। मिट्टी की टेस्टिंग के पूर्ण होने के बाद L&T का 50 सदस्यों का श्रमिक दल आएगा, जिसके रहने के लिए राम कारसेवक पुरम में आवास बनाया जाएगा। जिस भूमि पर श्रमिकों का आवास बनेगा उसका निरीक्षण भी हो चूका है। L&T के परीक्षण के बाद राम मंदिर निर्माण के लिए नींव तैयार का कार्य शुरू किया जायेगा।

मिट्टी की पुख्ता जांच के बाद पड़ेगी नींव :

बता दे, विश्व हिंदू परिषद के प्रवक्ता शरद शर्मा ने कहा ही कि श्री राम जन्मभूमि पर एक दिव्य राम मंदिर निर्माण की जो प्रतीक्षा थी वह खत्म हो रही है। दिव्य मंदिर निर्माण के लिए लाखों लोगों ने जो आहुति दी अब उसका परिणाम आ रहा है। निर्माण कार्य के समतलीकरण का कार्य चल रहा है। समतलीकरण में जो हम लोगों को चाहिए, इंजीनियरों को जो चाहिए और भवन निर्माण करने वालों को चाहिए उसकी आपूर्ति हो रही है। इस हिसाब से देखा जाए तो राम जन्मभूमि परिसर के जो 70 एकड़ का परिसर है, उसके समतलीकरण के बाद उस पर भव्य और दिव्य राम मंदिर निर्माण का कार्य प्रशस्त होने लगेगा। फिलहाल L&T नींव खोदने के लिए गड्ढा खोदकर शोध कर रही है। भूमि की उपयोगिता क्या है? किस प्रकार से भूमि सुरक्षित है? कितने वर्ष तक मंदिर यहां विराजमान रह सकता है? इन सभी जांचों के बाद ही एलएंडटी उस पर काम शुरू करेगी।

शुरू होगा मंदिर के फाउंडेशन का कार्य :

अब जेहन में ये प्रश्न उठता है की राम मंदिर की नींव कब पड़ेगी? मिली जानकारी के अनुसार लॉकडाउन 5 के दौरान ही राम मंदिर निर्माण के लिए फाउंडेशन तैयार करने के लिए नींव खुदने और उसके बाद निर्माण का कार्य शुरू हो जाएगा। इसके लिए जून माह के दूसरे सप्ताह में ही L&T मजदूरों का दल अयोध्या पहुंचेगा। लेकिन राम मंदिर निर्माण शुरू होने से पहले राम जन्मभूमि परिसर के कुबेर टीला में स्थापित प्राचीन शिव मंदिर जिन्हें शशांक शेखर भगवान कहा जाता है, उनकी आराधना और अनुष्ठान किया जाएगा। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष नृत्य गोपाल दास के उत्तराधिकारी और राम जन्मभूमि न्यास में सदस्य रहे कमल नयन दास की माने तो यह अनुष्ठान 10 जून से शुरू होगा और इस अनुष्ठान में वह खुद शामिल होंगे।