आगरा. कोरोना काल में जहां डॉक्टरों की दुनियाँ भर में तारीफ़ हो रही है वहीं आगरा में एक निजी अस्पताल के डॉक्टर की दरिंदगी ने समाज को शर्मसार कर दिया। इंसानियत को शर्मसार करते हुए एक डॉक्टर ने महिला से उसका नवजात छीनकर बेच दिया क्योंकि नवजात का पिता डिलीवरी की फीस नहीं चुका पाया.
घटना के बाद अस्पताल को सील कर दिया गया है और नवजात का पता लगाया जा रहा है. कहा जा रहा है कि डॉक्टर ने अपने ही किसी रिश्तेदार को बच्चे को बेचा है. वहीं नवजात की मां ने बच्चे को नुकसान पहुंचने के डर से पुलिस में शिकायत नहीं की है.
जानकारी के अनुसार शंभु नगर निवासी शिव नारायण रिक्शा चालक है जो बेहद कर्ज में है. 24 अगस्त को उसकी पत्नी बबिता को प्रसव पीड़ा होने पर उसने पास के जेपी अस्पताल में उसे भर्ती कराया. बबिता ने बेटे को जन्म दिया लेकिन शिव नारायण डिलीवरी की फीस भर नहीं पया. अस्पताल ने 30,000 रुपये का बिल दिया जो ना भर पाने के कारण डॉक्टर ने मां से उसका नवजात छीन लिया. एक कागज पर अंगूठा लगवा लिया. महिला बिलखती और गिड़गिड़ाती रही लेकिन डॉक्टर नहीं माना और बच्चे को ले गया.
आरोप है कि चिकित्सक ने नवजात को उसकी मां से नहीं मिलने दिया गया. चिकित्सक का कहना था कि पैसे नहीं हैं तो बच्चा देना पड़ेगा. महिला ने आरोप लगाया है कि जबरन कुछ पैसे पकड़ाकर उससे एक कागज पर अंगूठे का निशान ले लिया और अस्पताल से भगा दिया गया. महिला का अरोप है कि डॉक्टर ने बच्चे को अपने रिश्तेदार को बेच दिया है. मामले की जानकारी स्वास्थ्य विभाग को दी गई. सोमवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अस्पताल पर कार्रवाई करते हुए उस पर सील कर दी है.
हालाकिं मामला कुछ संदिग्ध लग रहा है। दो दिन के बाद भी एफआईआर ना होने से मामला संदिग्ध माना जा रहा है. वहीं दो दिन से आरोपी डॉक्टर भी नहीं मिल रहा है. जिससे संभावना जताई जा रही है कि अस्पताल पहले भी इस तरह की हरकतें कर चुका है. मामले में आगे जांच की जा रही है और बच्चे की तलाश भी जारी है.
मामले की जानकारी स्वास्थ्य विभाग को दी गई और सोमवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अस्पताल पर कार्रवाई करते हुए उस पर सील लगा दी है।