क्या है राम मंदिर ध्वज का आकार, महत्व और विशेषता, जानें सबकुछ क्या है राम मंदिर ध्वज का आकार, महत्व और विशेषता, जानें सबकुछ

क्या है राम मंदिर ध्वज का आकार, महत्व और विशेषता, जानें सबकुछ

वाल्मीकि रामायण में दिए गए वर्णन से प्रेरित होकर, यह तिकोना झंडा भगवान राम की दिव्यता, शक्ति और शाश्वत भावना को दिखाता है।

Ram Mandir Dhwajarohan: भगवान राम और माता सीता की दिव्य शादी के पर्व विवाह पंचमी के मौके पर अयोध्या पूरी शान से जगमगा रही है। आज ही श्री राम जन्मभूमि मंदिर में ऐतिहासिक ध्वजारोहण किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और आरएसएस प्रमुख मोहन भगवत ने आज राम मंदिर के ऊपर भगवा झंडा फहराया। अयोध्या और समूचे देश के लिए यह एक ऐतिहासिक और आध्यात्मिक पल है। पारंपरिक हिंदू परंपरा में झंडा फहराने को अधर्म पर धर्म की जीत का प्रतीक माना जाता है।

भगवा झंडे का महत्व और खासियतें

राम मंदिर पर आज फहराया गया भगवा ध्वज एक समकोण वाला तिकोनी झंडा है जिसकी ऊंचाई 10 फीट और लंबाई 20 फीट है। इसमें भगवान राम की चमक और वीरता का प्रतीक एक चमकता हुआ सूरज, पवित्र कोविदारा पेड़ और ‘ॐ’ का निशान है।

पैराशूट फैब्रिक और रेशम के धागों से बना यह झंडा गरिमा, एकता, सांस्कृतिक निरंतरता और राम राज्य के आदर्शों को दिखाने के लिए बनाया गया है। यह झंडा मंदिर के 161 फुट ऊंचे शिखर पर 42 फुट ऊंचे खंभे पर लगाया गया है।

वाल्मीकि रामायण में दिए गए वर्णन से प्रेरित होकर, यह तिकोना झंडा भगवान राम की दिव्यता, शक्ति और शाश्वत भावना को दिखाता है।

PM मोदी ने किया ध्वजारोहण

PM मोदी सुबह 10 बजे अयोध्या के महर्षि वाल्मीकि इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर पहुंचें। वहां से, वे हेलीकॉप्टर से साकेत महाविद्यालय गए और फिर उन्होंने राम मंदिर के शंकराचार्य एंट्रेंस तक रोड शो किया। 2.5 किलोमीटर के रास्ते में, साकेत महाविद्यालय और अवध यूनिवर्सिटी के करीब 1,000 छात्र प्रधानमंत्री पर फूल बरसाए।

मंदिर पहुंचने पर PM मोदी ने सबसे पहले सप्त मंदिर में पूजा किया। उसके बाद सुबह करीब 11 बजे शेषावतार मंदिर और माता अन्नपूर्णा मंदिर गए। इसके बाद पीएम मोदी ने अभिजीत मुहूर्त में राम मंदिर के शिखर पर रिमोट से भगवा झंडा फहराया। इससे पहले पीएम मोदी और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने राम दरबार गर्भगृह में दर्शन और पूजा अर्चना किया।

आज रही पूरे अयोध्या में कड़ी सुरक्षा

प्रधानमंत्री के दौरे के लिए पूरे शहर में सुरक्षा बढ़ा दी गई थी। सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए रास्ते में सात स्टेज बनाए गए थे। पूरे रास्ते को गेंदे के फूलों से सजाया गया था। PM मोदी की सुरक्षा पांच लेयर की सिक्योरिटी में थी, जिसमें पुलिस, मजिस्ट्रेट, ATS, STF, SWAT कमांडो और पैरामिलिट्री के जवान 15 किलोमीटर के दायरे में तैनात थे। इस ऐतिहासिक कार्यक्रम को आसानी से और सुरक्षित तरीके से कराने के लिए लगभग 7,000 सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया था।