पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान एक बार फिर सोशल मीडिया पर घिर गए हैं। इस बार पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के अध्यक्ष बिलावल भुट्टो को ‘साहिबा’ कहने के कारण सोशल पर लोगों ने उन्हें खूब खरी-खोटी सुनाई है। इंटरनेट यूजर्स ने इसे ‘लिंगभेदी’ (sexist) टिप्पणी कहा है। इससे पहले सोमवार को ही इतिहास की गलतबयानी को लेकर सोशल मीडिया पर उनकी खूब फजीहत हुई थी।
इमरान खान बुधवार को दक्षिणी वजीरिस्तान में एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे, जब उन्होंने पाकिस्तान की पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो के बेटे को लेकर यह टिप्पणी की। इसका वीडियो भी सामने आया है, जिसमें वह कहते सुने जा रहे हैं कि वह कड़ी मेहनत कर इस मुकाम पर पहुंचे हैं, जबकि बिलावल जो कुछ भी हैं, अपनी मां के कारण हैं। इसी क्रम में उन्होंने बिलावल को ‘साहिबा’ कहकर संबोधित किया, जिसका इस्तेमाल उर्दू में महिलाओं के संबोधन के लिए होता है। इस कारण सोशल मीडिया पर लोगों ने उन्हें आड़े हाथों लिया है।
सोशल मीडिया पर यह वीडियो पाकिस्तानी पत्रकार और मानवाधिकार कार्यकर्ता गुल बुखारी ने शेयर किया है, जो पिछले साल लाहौर में एक टीवी शो के लिए जाते समय ‘अगवा’ हो जाने के बाद सुर्खियों में आई थीं। कई घंटों बाद रहस्यमय परिस्थितियों में वह अपने घर लौटी थीं। अपने कई लेखों में उन्होंने खुलकर पाकिस्तान सेना की आलोचना की है। यह वीडियो शेयर करते हुए उन्होंने अपने ट्विटर हैंडल पर लिखा कि इमरान खान की यह टिप्पणी न केवल लिंगभेदी, बल्कि पीएम पद की गरिमा के भी खिलाफ है।
सोशल पर कई अन्य लोगों ने भी इसकी आलोचना की है। इससे पहले सोमवार को पड़ोसी मुल्क ईरान दौरे के दौरान इतिहास के गलत तथ्यों का जिक्र कर वह फंस गए थे। ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी के साथ एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन के दौरान दो पड़ोसी मुल्कों के बीच अच्छे संबंधों के लिए व्यापारिक सहयोग बढ़ाने पर जोर देते हुए उन्होंने द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद जर्मनी और जापान द्वारा सीमा क्षेत्रों में संयुक्त उद्योग लगाने की बात कही थी। दरअसल, उन्हें यहां जर्मनी और फ्रांस का जिक्र करना था, लेकिन वह जर्मनी के साथ जापान बोल गए।
इसे लेकर भी सोशल मीडिया पर लोगों ने उनकी खूब किरकिरी की थी। पीपीपी अध्यक्ष बिलावल भुट्टो सहित कई लोगों ने यह कहते हुए पाकिस्तान के पीएम की आलोचना की कि उन्हें एक पढ़े-लिखे पीएम से इसकी उम्मीद नहीं थी।