प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दक्षिण कोरिया के दो दिन के दौरे पर हैं। उन्होंने गुरुवार को सियोल में भारत-कोरिया बिजनेस सिम्पोजियम में कहा कि भारत अवसरों की धरती के तौर पर उभरा है। जब हम भारतीय सपने को साकार करने की दिशा में काम करते हैं। तब हम अपने तरह के दिमाग वाले सहयोगियों की तलाश करते हैं। वास्तव में हम दक्षिण कोरिया को प्राकृतिक साझेदार के रूप में देखते हैं।
पीएम मोदी आज सुबह सियोल पहुंचे और वहां उनका भारत माता की जय के नारे के साथ जोरदार स्वागत किया गया। पीएम मोदी दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति मून जेइ इन के निमंत्रण पर यहां पहुंचे हैं। यह 2015 के बाद से कोरिया गणराज्य की उनकी दूसरी यात्रा है और राष्ट्रपति मून जेइ इन के साथ उनकी दूसरी शिखर बैठक है।
Addressing Indian and Korean businesspersons in Seoul. Watch. https://t.co/d2HH7L0nnU
— Narendra Modi (@narendramodi) February 21, 2019
दक्षिण कोरिया के लिए रवाना होने से पहले पीएम ने दक्षिण कोरिया को मूल्यवान मित्र और मेक इन इंडिया, स्वच्छ भारत, स्टार्ट अप इंडिया जैसे कार्यक्रमों में विशेष सामरिक साझीदार बताया था। रवाना होने से पहले पीएम मोदी ने ट्वीट किया था, ‘मैं बुधवार शाम को दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति राष्ट्रपति मून जे इन के निमंत्रण पर दक्षिण कोरिया के लिए रवाना हो जाऊंगा। हम दक्षिण कोरिया को एक मूल्यवान मित्र मानते हैं जिसके साथ हमारी विशेष सामरिक भागीदारी है। इस यात्रा से द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ावा मिलेगा।’
Prime Minister Narendra Modi in Seoul, South Korea: India has emerged as a land of opportunities. While we work towards realizing the Indian dream, we seek like minded partners, we see South Korea as a truly natural partner. pic.twitter.com/U6zbT8gmgj
— ANI (@ANI) February 21, 2019
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र के साथी के रूप में भारत और दक्षिण कोरिया ने साझा मूल्य और विश्व शांति के लिए एक दृष्टिकोण साझा किया है। बाजार अर्थव्यवस्था के साथी के रूप में हमारी जरूरतें और ताकत एक दूसरे की पूरक हैं। दक्षिण कोरिया मेक इन इंडिया, स्वच्छ भारत और स्टार्ट अप इंडिया का महत्वपूर्ण साझीदार है।
इस यात्रा के दौरान पीएम नरेंद मोदी को 2018 का सियोल शांति सम्मान प्रदान किया जाएगा। इससे संबंधित समारोह का आयोजन सियोल शांति सम्मान सांस्कृतिक फाउंडेशन ने 22 फरवरी को किया है जो राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मोदी के योगदान को मान्यता प्रदान करने के बारे में है।