नई दिल्ली। कोरोना वायरस के संक्रमण के कारण देश लॉकडाउन की मार झेल रहा है। इस लॉकडाउन के चलते लाखों प्रवासी मजदूर अलग-अलग राज्यों में फंसे हैं। जिनकी घर वापसी का कार्य शुरू हो गया है। लाखों प्रवासी मजदूर को उनके घर तक पहुंचाने के लिए सरकार स्पेशल ट्रेन चला रही है। लेकिन इनको भेजने के एवज में राज्यों से किराया लेने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है।
If you are stuck abroad during this COVID crisis this government will fly you back for free but if you are a migrant worker stranded in another state be prepared to cough up the cost of travel (with social distancing cost added). Where did “PM Cares” go?
— Omar Abdullah (@OmarAbdullah) May 3, 2020
इस मसले को लेकर जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने केंद्र सरकार पर तंज कसा है। उमर ने ट्वीट करके कहा है कि अगर आप कोरोना संकट में विदेश में फंसे हुए हैं तो सरकार आपको मुफ्त वापस लेकर आएगी, लेकिन किसी राज्य में कोई प्रवासी मजदूर फंसा है तो उसे सोशल डिस्टेंसिंग कॉस्ट के साथ पूरा खर्च उठाना होगा। अगर ऐसा है तो पीएम केयर्स फंड कहां गया?
अब तो भाजपा के आहत समर्थक भी ये सोच रहे हैं कि अगर समाज के सबसे ग़रीब तबके से भी घर भेजने के लिए सरकार को पैसे लेने थे तो PM Cares Fund में जो खरबों रुपया तमाम दबाव व भावनात्मक अपील करके डलवाया गया है उसका क्या होगा? अब तो आरोग्य सेतु एप से भी इस फंड में 100 रु वसूलने की ख़बर है
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) May 3, 2020
पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के अलावा समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी केंद्र को निशाना बनाया है। यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने ट्वीट कर कहा है कि ट्रेन से वापस घर ले जाए जा रहे गरीब, बेबस मजदूरों से भाजपा सरकार द्वारा पैसे लिए जाने की खबर बेहद शर्मनाक है। आज साफ हो गया है कि पूंजीपतियों का अरबों माफ करने वाली भाजपा अमीरों के साथ है और गरीबों के खिलाफ।
गौरतलब है कि राज्य सरकार की मांग के बाद सभी राज्य में फंसे हुए प्रवासी मजदूर व छात्रों को लाने के लिए केंद्र सरकार ने गाइडलाइन जारी करते हुए छह अलग-अलग ट्रेनें चलाई है। जहां सरकार की गाइडलाइन के मुताबिक प्रवासी मजदूरों से किसी भी प्रकार का किराया नहीं वसूला जाना था। पर इन स्पेशल ट्रेनों में सफर करने के लिए प्रवासी मजदूरों को टिकटों की कीमत अदा करनी पड़ रही है। जिसके बाद से विपक्ष मोदी सरकार पर निशाना साध रही है।