लॉकडाउन में बंद नर्सरी उद्योग अब पकड़ रहा रफ्तार

लॉकडाउन में बंद नर्सरी उद्योग अब पकड़ रहा रफ्तार
लॉकडाउन में बंद नर्सरी उद्योग अब पकड़ रहा रफ्तार

गोरखपुर। कोरोना संकट के बीच हुए लाॅकडाउन के कारण अन्य उद्योगों के साथ ही नर्सरी उद्योग पर भी बुरा असर पड़ा है। खासकर गर्मी के मौसम में लगाए जाने वाले फूल और अन्य तरह के पौधों की बिक्री नहीं होने से नर्सरी में ही या तो पौधे सूख गए या फिर संचालकों द्वारा उन्हें फेंकने पर मजबूर होना पड़ा। हालांकि, कृषि कार्य में छूट दिए जाने परिवहन व्यवस्था में मिली छूट के बाद अब नर्सरी उद्योग फिर से पटरी पर लौटने लगा है।

पर्यावरण संरक्षण और फूल-पत्तियों से लगाव रखने वाले लोग अब नर्सरी तक पहुंच पौधों की खरीददारी करने लगे है। गोरखपुर के नर्सरी मदन वाटिका के संचालक सत्यपाल साहनी ने कहा कि पिछले एक सप्ताह के दौरान विभिन्न तरह के फूल, सो-प्लांट व फलदार तथा इमारती लकड़ी के पौधों की बिक्री बढ़ी है। उन्होंने कहा कि कोरोना संकट के दौरान लोगों में बागवानी के प्रति रूचि बढ़ी है जिससे पिछले दो महीने से इस व्यवसाय में छाई मंदी अब धीरे-धीरे छटने लगी है। जिससे उत्साहित नर्सरी संचालक अब बरसात में लगाए जाने वाले पौधों के नर्सरी तैयार करने में जुट गए है।