लेफ्टिनेंट बनने जा रही हैं शहीद मेजर की पत्नी, पहनेंगी पति की वर्दी

पिछले साल भारत-चीन सीमा के पास आग दुर्घटना में मारे गए सेना के मेजर प्रसाद गणेश की पत्नी सशस्त्र बलों में शामिल होने के लिए तैयार हैं। 30 दिसंबर 2017 को अरुणाचल प्रदेश के तवांग जिले में एक आग दुर्घटना में मेजर प्रसाद की मृत्यु हो गई थी। उनकी पत्नी गौरी प्रसाद महादिक विधवा श्रेणी में सेवा चयन बोर्ड (SSB) को क्लियर कर इस अप्रैल में चेन्नई में भारतीय सेना के अधिकारी प्रशिक्षण अकादमी (OTA) में शामिल होने के लिए तैयार हैं। वह 49 सप्ताह के प्रशिक्षण से गुजरेंगी।

अकादमी में एक साल की अनिवार्य सैन्य प्रशिक्षण पूरा करने के बाद 31 साल की गौरी को मार्च 2020 में सेना में लेफ्टिनेंट के रूप में शामिल किया जाएगा। गौरी ने एसएसबी परीक्षाओं के दौरान 16 उम्मीदवारों के साथ प्रतिस्पर्धा की और में टॉप किया और ओटीए में प्रशिक्षण के लिए योग्य बनीं।

न्यूज एजेंसी ANI से बात करते हुए गौरी ने कहा, ‘मैं एक वकील और कंपनी सचिव हूं और नौकरी पर थी। लेकिन मेरे पति की मृत्यु के बाद मैंने नौकरी छोड़ दी और सशस्त्र बलों की तैयारी शुरू की। मैं अपने पति को श्रद्धांजलि देने के लिए सेना में शामिल होने के लिए दृढ़ थी। मैं फोर्स में शामिल हो जाऊंगी और उनकी वर्दी और स्टार्स को पहनूंगी।’ गौरी ने 2015 में प्रसाद से शादी की और विरार में अपने ससुराल वालों के साथ रहती हैं।

गौरी ने कहा, ‘उनके निधन के 10 दिन बाद मैं सोच रही थी कि अब मुझे क्या करना चाहिए। मैंने फैसला किया कि मुझे उनके लिए कुछ करना है। इसलिए मैंने ये फैसला किया। मैं अगले साल चेन्नई में OTA में प्रशिक्षण के बाद लेफ्टिनेंट के रूप में सेना में शामिल होऊंगी। वह हमेशा चाहते थे कि मैं खुश रहूं और मुस्कुराऊं। मैंने तय किया कि मैं फोर्स में शामिल होऊंगी, मैं उनकी वर्दी पहनूंगी, हमारी वर्दी पर उनके सितारे। हमारी वर्दी क्योंकि यह उसकी और मेरी वर्दी होगी।’