घर वापसी के बदले मजदूरों को देना पड़ रहा पैसा, टिकट दिखाकर किया दावा

फोटो सौजन्य- हिंदुस्तान

लखनऊ। कोरोना संक्रमण के कारण देश लॉकडाउन है। जिस कारण यूपी, बिहार और झारखंड सहित कई राज्यों में प्रवासी मजदूर फंसे हुए है। जिनकी घर वापसी हो रही है। इन सभी के लिए श्रमिक स्पेशल ट्रेन चलाई गई है। हालांकि घर वापसी के बदले किराया वसूलने को लेकर विपक्ष लगातार केंद्र और राज्य सरकार पर हमला बोल रहा है।

गोरखपुर, लखनऊ, धनबाद पहुंचे बहुत से श्रमिकों का दावा है कि उनसे पैसे लेकर टिकट दिए गए हैं। ये मजदूर ट्रेनों में मिले टिकट को दिखा भी रहे हैं। वहीं दूसरी ओर रेलवे ने काउंटर से टिकट नहीं बेचने और राज्यों को टिकट सौंपने का दावा किया है। उधर महाराष्ट्र से चली श्रमिक स्पेशल ट्रेन से सोमवार सुबह गोरखपुर पहुंचे प्रवासी मजदूरों ने रेल किराए का भुगतान वसुलने की बात कही है। वह टिकट दिखाकर पैसा वसूलने की बात कह रहे हैं।

उनसे प्रत्येक टिकट के बदले 745 रुपये वसूले गए। कई यात्रियों ने 28 घंटे लंबे सफर में काफी दुश्वारियां झेलने की शिकायत की। उन्होंने बताया कि पूरा सफर दो पैकेट चिप्स, एक पैकेट बिस्कुट और एक बोतल पानी के सहारे काटना पड़ा। कुछ मजदूरों ने लॉकडाउन लागू होने के बाद मुंबई के वसई रोड में बिताए गए मुश्किल भरे दिनों के बारे में भी बताया।

हिंदुस्तान में छपी खबर के मुताबिक खजनी के विश्वमोहन ने बताया कि लॉकडाउन के बाद से ही काम छूट गया। जो पैसे बचे थे, उसी से राशन मंगवाकर कुछ दिन काम चलाया। लॉकडाउन बढ़ता गया और राशन खत्म होने लगा। कभी-कभी एक टाइम भोजन करते थे कि राशन एकदम से खत्म न हो जाए। इस बीच, कुछ लोगों ने मदद की लेकिन प्रशासन हमारे साथ सौतेला व्यवहार कर रहा था। एक छोटी-सी खोली में हर पल दम घुट रहा था। बस इसी इंतजार में थे कि हम कब अपने घर पहुंचेंगे।