
दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार प्रदूषण नियंत्रण के लिए बनाई गई बीएस-6 (BS-6) वाहन की तैयारी जोरों शोरों में चल रही है। हालांकि साल 2018 में सुप्रीम कोर्ट ने BS-4 वाहन की बिक्री पर रोक लगा दी थी। लेकिन अब इस वक़्त बीएस-6 (BS-6) वाहन की तैयारी वापस से शुरू हो गई है। अब सरकार भी बीएस-6 वाहन (BS 6 Vehicle) के लिए लोगों को जागरुक करने के साथ ही कई तरह की योजनाएं ला रही है। यह वाहनअलग तरह की पहचान के साथ सड़क पर दौड़े इसके लिए सरकार पूरी तरह लगी हुई है। अलग पहचान दिलाने के लिए बीएस-6 (BS-6) नंबर प्लेट पर खास रंग की पट्टी लगाई जाएगी। यह पट्टी हरे रंग की होगी, नंबर प्लेट पर हरी पट्टी होने पर टोल बूथ Toll Booth सहित सड़क पर वाहन चलाते हुए कई तरह की छूट देने की तैयारी भी केन्द्र सरकार (Central Government) कर रही है। वहीं ऐसा न करने पर रजिस्ट्रेशन कराने और सड़क पर चेकिंग के दौरान परेशानी आ सकती है।
क्या होते हैं BS3, BS4 और BS6?
BS के संबंध एमिशन स्टैंडर्ड से है, BS यानी भारत स्टेज से पता चलता है कि आपकी गाड़ी कितना प्रदूषण फैलाती है। बीएस के जरिए ही भारत सरकार गाड़ियों के इंजन से निकलने वाले धुएं से होने वाले प्रदूषण को रेगुलेट करती है। BS के साथ जो नंबर होता है उससे ये पता चलता है कि इंजन कितना प्रदूषण फैलाता है। यानी जितना बड़ा नंबर उतना कम प्रदूषण। इसी तर्ज पर BS3, BS4 और BS6 निर्धारित किया जाता है।
1 अक्टूबर 2020 से लागू नियम :
आदेश के अनुसार 01 अक्टूबर, 2020 से देश में बीएस-6 वाले वाहनों को एक सेंटीमीटर का हरा और नारंगी स्टीकर लगाना होगा। ऐसे वाहनों पर एक सेमी के हरे स्टीकर अनिवार्य होगा। रोड मिनिस्ट्री की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार इसे अनिवार्य किया गया है। यह पट्टी नंबर प्लेट पर उस जगह लगाई जाएगी जहां पेट्रोल-सीएनजी वाले वाहन के लिए हल्के नीले रंग का स्टिकर और डीजल वाले वाहन के लिए नारंगी रंग का स्टिकर होता है।
लगाने-न लगाने पर यह होगा फायदा और नुकसान :
गौरतलब है की जारी किए गए दिशा निर्देशों के अनुसार अगर हम उनका पालन ना करे तो नुकसान झेलना तय है ,वही अगर दिशा निर्देश का पालन हुआ तो फायदा मिलना भी तय है। ऐसे ही सरकारी आदेश की मानें तो बिना पट्टी लगाए वाहन का रजिस्ट्रेशन नहीं होगा। सड़क पर वाहन चलाते हुए चेकिंग के दौरान भी कई तरह की परेशानी आ सकती हैं। वहीं अगर आप ऐसा करते हैं तो सबसे बड़ी राहत यह है कि टोल बूथ की लाइन में बीएस-6 वाहन को वरीयता दी जाएगी। सड़क पर पॉल्यूशन की चेकिंग में राहत मिलेगी। बीएस 6 वाहन के मंहगा होने के चलते कई तरह की छूट देकर सरकार ऐसे वाहनों को बढ़ावा दे रही है, जिससे प्रदुषण को कम किया जा सके।