यूपी में पहले चरण के लिए 11 अप्रैल को मतदान होगा। जैसे जैसे चुनावी तारीख नजदीक आ रही है नेताओं के जुबान फिसलने की घटनाएं कुछ ज्यादा ही बढ़ गई है। बागपत से आरएलडी उम्मीदवार जयंत चौधरी एक चुनावी जनसभा में बीजेपी की नई परिभाषा गढ़ते नजर आए। उन्होंने तर्कों के जरिए अपनी बात जनता के सामने रखी। जयंत चौधरी ने कहा कि पिछले पांच वर्षों से सिर्फ जुमले बोले जा रहे हैं। जमीन पर कहीं कुछ भी ठोस नजर नहीं आ रहा है।
जयंत चौधरी ने कहा कि बीजेपी के लोग आपको शराबी कहें, ये आपको मिलावटी कहें, तो उन्होंने भी इनके लिए कुछ नाम सोचा है। वो गाली तो नहीं देना चाहते हैं लेकिन ये बहुत बड़े जूतिए हैं, जूतिए, बहुत जूतिया पार्टी है। बीजेपी ने 1500 करोड़ रुपए में दिल्ली में एक आलीशान कार्यालय बनवाया है। पिछली बार हम कोई तोड़फोड़ करने नहीं आए थे। अबकी बार अगर बीजेपी चूक करती है तो अजीत सिंह ऐलान करेंगे। हम लोग दिल्ली चलेंगे और बीजेपी केंद्रीय कार्यालय की एक एक ईंट उखाड़ देंगे।
#WATCH Jayant Chaudhary, RLD: Yeh aapko sharaabi kahein, yeh aapko milavat kahein, to maine bhi inke liye naam soch rakha hai…Main gaali to nahi dena chahta inko lekin yeh bahut bahut bahut bade jutiye hain, jutiye, bahut jutiya party hai. (30/3/19) pic.twitter.com/kKIDGtT5wY
— ANI (@ANI) April 1, 2019
पीएम नरेंद्र मोदी ने मेरठ से चुनावी प्रचार का आगाज करते हुए सपा, बसपा और आरएलडी के गठबंधन पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा कि ये गठबंधन महामिलवाटी जिसके पीछे कोई ठोस तार्किक आधार नहीं है। मजह स्वार्थ के लिए ये दल एक दूसरे के करीब आए जिनका मकसद सिर्फ सत्ता हासिल करना है। आप ने देखा होगा कि किस तरह से मायावती, स्टेट गेस्ट हाउस मामले में आरोपियों को जेल भेजने की फिराक में थीं। लेकिन अब जब वो देश के चौकीदार से डर रही हैं तो सपा के साथ गठबंधन कर लिया। इसके साथ ही पीएम मोदी ने एक शब्द का ईजाद किया जिसे उन्होंने सराब बताया। ये बात अलग है कि सपा के प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा की पीएम मोदी के सराब और शराब के बीच में फर्क नहीं शामिल है।